मिनिमम बैलेंस न होने पर ग्राहकों से हर साल करोड़ों रुपए वसूलते हैं बैंक

नई दिल्‍ली। अकाउंट में मिनिमम बैलेंस मेनटेन नहीं करने के कारण हर साल बैंक सैकड़ों करोड़ रुपये अपने ग्राहकों से वूसलते हैं।
ऐसे में सभी के लिए यह जानना जरूरी है कि आपका अकाउंट जिस बैंक में है, उसके लिए मिनिमम बैलेंस कितना है और इसका कैलकुलेशन किस तरह किया जाता है।
2017-18 में 21 पब्लिक सेक्टर बैंक और 3 प्राइवेट सेक्टर बैंक ने मिनिमम ऐवरेज बैलेंस (MAB) के नाम पर 5000 करोड़ की कमाई की थी।
ऐवरेज बैलेंस का कैलकुलेशन किस तरह किया जाता है?
अगर बैंक ‘x’ कहता है कि उसका ऐवरेज मंथली बैलेंस 5000 रुपये है तो इसका मतलब है कि औसतन रोजाना आपके अकाउंट में कम से कम 5000 रुपये होने चाहिए। इसे आसान भाषा में समझने की कोशिश करते हैं। 1 दिसंबर को ‘AB’ ने ‘x’ बैंक के अकाउंट में दस हजार रुपये जमा किए। 10 दिसंबर को उसने 9000 रुपये निकाल लिए। 20 दिसंबर को उसने फिर से उस अकाउंट में 20 हजार रुपये जमा किए और यह बैलेंस 31 दिसंबर तक मेनटेन रहा।
A- 1 दिसंबर से 9 दिसंबर तक (कुल 9 दिन) आपके अकाउंट में 5000 रुपये रहे। यह बैलेंस 5000×9=45000 हुआ।
b- 10 दिसंबर 19 दिसंबर (कुल 10 दिन) तक रोजाना उस अकाउंट में 1000 रुपये रहे। यह बैलेंस 1000×10=10000 हुआ।
c- 20 दिसंबर से 31 दिसंबर तक (कुल 12 दिन) रोजाना उस अकाउंट में 21000 रुपये रहे। यह बैलेंस 21000×12=252000 रुपये हुआ।
d- एक महीने का कुल बैलेंस, 45000+10000+252000=307000 और एक दिन का औसत बैलेंस, 307000/31=9903 रुपये
इस कैलकुलेशन के मुताबिक एक्स बैंक में दिसंबर महीने के लिए AB का ऐवरेज मंथली एकाउंट बैलेंस 9903 रुपये रहा। अगर बैंक ने मंथली ऐवरेज बैलेंस की सीमा 5000 रुपये रखी है तो उसे कोई चार्ज नहीं पे करना होगा, अगर यह सीमा 10 हजार रुपये होगी तो एबी को पेनल्टी भरनी होगी।
-एजेंसियां

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