बलूच विद्रोहियों का पाक सेना पर हमला, फ्रंटियर कोर के 4 सैनिकों की मौत

इस्‍लामाबाद। पाकिस्‍तान सेना को बलूच विद्रोहियों ने बड़ा झटका दिया है। बलूच विद्रोहियों ने एक बम हमला करके पाकिस्‍तानी सेना के फ्रंटियर कोर के एक वाहन को उड़ा दिया। इसमें चार सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं और दो अन्‍य घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि यह हमला शनिवार को हारनाई जिले के खोस्‍त इलाके में हुआ। इस हमले की जिम्‍मेदारी पाकिस्‍तान में प्रतिबंधित बलूचिस्‍तान लिबरेशन आर्मी ने ली है।
पाकिस्‍तान अखबार डॉन ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से कहा कि पाकिस्‍तानी सुरक्षाकर्मियों के वाहन को सफर बाश इलाके में निशाना बनाया गया। ये जवान अपने वाहन से गश्‍त पर निकले थे, इसी दौरान आईईडी विस्‍फोट हो गया जिसमें 4 सैनिकों की मौत हो गई और दो अन्‍य बुरी तरह से घायल हो गए हैं। हमले की सूचना मिलते ही वहां अतिरिक्‍त सुरक्षा बलों को रवाना किया गया।
बलूच विद्रोही चीनी परियोजनाओं का कड़ा विरोध कर रहे
घायल पाकिस्‍तानी सुरक्षाकर्मियों को पास के अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है। मारे गए सैनिकों में एक कैप्‍टन और लेफ्टिनेंट शामिल हैं। इससे पहले शुक्रवार को अवरान जिले में हुए हमले में दो सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी और 5 अन्‍य घायल हो गए थे। बलूच विद्रोही बलूचिस्‍तान में चीनी परियोजनाओं का कड़ा विरोध कर रहे हैं और इसी वजह से वे पाकिस्‍तानी सुरक्षा बलों और चीन के नागरिकों को निशाना बना रहे हैं।
एशिया टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक कुल जमीन के आधार देखें तो बलूचिस्‍तान प्रांत सबसे बड़ा है और जातीय बलूच लोग पाकिस्‍तान की कुल जनसंख्‍या का 9 फीसदी हैं। पिछले कई दशक से बलूचिस्‍तान में बलूच विद्रोही सक्रिय रहे हैं। उनका आपस में विभाजन रहा है और पश्‍तूनों के साथ उनकी प्रतिस्‍पर्द्धा रही है। यही नहीं पाकिस्‍तान की सियासत और सत्‍ता कब्‍जा करने वाले पंजाबियों से भी बलूचों का संघर्ष होता रहा है।
हिंसा ने सीपीईसी को लेकर चीन के विश्‍वास को हिलाकर रख दिया
बलूचिस्‍तान में विद्रोही धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहे थे कि इसी बीच हाल के दिनों में पाकिस्‍तान के अधिकारियों ने चीन को खुश करने के लिए कई ऐसे दमनात्‍मक कदम उठाए जिससे हिंसा का नया दौर पैदा हो गया। इस हिंसा ने सीपीईसी को लेकर चीन के विश्‍वास को हिलाकर रख दिया है। बलूच विद्रोहियों के रणनीति में यह बदलाव वर्ष 2018 में कराची में चीनी वाण‍िज्‍य दूतावास और वर्ष 2019 में ग्‍वादर के पर्ल होटल पर हमले के दौरान स्‍पष्‍ट रूप से नजर आया। इस होटल को चीन ने बनाया है और अक्‍सर चीनी नागरिक इस होटल में रुकते हैं। यही नहीं विद्रोहियों ने चीन की ओर से संचालित कराची के स्‍टॉक एक्‍सचेंज को भी दहलाया था।
-एजेंसियां

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