बाबा रामदेव ने सीताराम येचुरी के खिलाफ पुलिस में शिकायत की

हरिद्वार। योगगुरु बाबा रामदेव कुछ संतों के साथ आज एसएसपी हरिद्वार के पास गए और उन्होंने सीताराम येचुरी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
माकपा नेता सीताराम येचुरी द्वारा हिंदुओं को हिंसक बताने और भगवान राम कृष्ण के बारे में की गई टिप्पणी को लेकर हरिद्वार के संत समाज ने घोर आपत्ति जताई है।
योगगुरु बाबा रामदेव ने कहा के येचुरी को अपना नाम बदलकर सीताराम से रावण कर लेना चाहिए।
आज निवर्तमान शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज के हरिपुर स्थित आश्रम में संतों ने बैठक की। जिसमें सीताराम येचुरी के बयान की निंदा की गई। इस दौरान योगगुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि जिसका नाम सीताराम हो वह ही अगर भगवान राम के बारे में टिप्पणी करे और हिंदू को हिंसक बताए तो उसे अपना नाम बदलकर रावण, कंस, बाबर, तैमूर के नाम पर रख देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीताराम येचुरी को संस्कृत पढ़नी चाहिए। वह वेद, भागवत, रामायण पढ़ें। इस दौरान महामंडलेश्वर हरि चेतन सहित बड़ी संख्या में संत मौजूद रहे।
इस दौरान कहा गया कि पूरा राष्ट्र कम्युनिस्टों का बहिष्कार करे और जहां-जहां उनकी सरकारें हैं, हिंदुओं को वहां उनका बहिष्कार करना चाहिए। यह विरोध सीताराम येचुरी की माफी मांगने तक जारी रहना चाहिए। वहीं भारत माता मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज ने सीताराम येचुरी को रावण येचुरी कहा। इस दौरान संतों ने रावण येचुरी मुर्दाबाद के नारे लगाए।
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा था कि रामायण और महाभारत भी लड़ाई और हिंसा से भरी है। लेकिन एक प्रचारक के तौर पर उसे केवल एक महाकाव्य बताया जाता रहा है। उन्होंने कहा यह दावा करना ठीक नहीं है कि हिंदू हिंसक नहीं हो सकते। माकपा के महासचिव ने कहा था कि रामायण और महाभारत हिंसा के उदाहरणों से भरे पड़े हैं। इस के बाद यह कहना ठीक नहीं हैं कि हिंदू अहिंसक हैं। उन्होंने कहा वह इस तर्क पर भरोसा नहीं करते जबकि इसके तमाम उदाहरण सामने हैं।
माकपा महासचिव ने इससे पहले साध्वी प्रज्ञा को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने साध्वी की उम्मीदवारी को हिंदू वोटर्स को एकजुट करने की कवायद करार दिया था। येचुरी ने कहा था कि भाजपा इस चुनाव में 50 फीसदी सीटें भी बचाने में असफल रहने वाली है। इसलिए वह हर तरह से प्रयास कर हिंदू वोटरों का ध्रुवीकरण करने में जुटी है।
-एजेंसियां

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