AUS vs IND: भारत ने जीता कैनबरा में खेला गया तीसरा और आखिरी वनडे

ओवल। हार्दिक पंड्या, रविंद्र जडेजा और विराट कोहली की हाफ सेंचुरी के बाद गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने कैनबरा में खेले गए सीरीज के तीसरे और आखिरी वनडे में 13 रन से हरा दिया। सीरीज में पहली बार टॉस जीतकर कप्तान विराट कोहली ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत ने 5 विकेट पर 302 रन का स्कोर बनाया। जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम तीन गेंद बाकी रहते 289 रन पर ऑल आउट हो गई। भारत की ओर से शार्दुल ठाकुर ने तीन और टी. नटराजन व जसप्रीत बुमराह ने दो-दो विकेट लिए। वहीं कुलदीप यादव और रविंद्र जडेजा ने एक-एक सफलता हासिल की।
जसप्रीत बुमराह का मैच जिताऊ विकेट
ऑस्ट्रेलिया की ओर से कप्तान आरोन फिंच ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी और 82 गेंद पर 75 रन की पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया ने नियमित अंतराल पर विकेट खोए। इस बीच रनगति का दबाव भी लगातार बढ़ता गया। ऐसे वक्त पर लग रहा था कि भारत आसानी से जीत हासिल कर लेगा लेकिन ग्लेन मैक्सवेल ने एक बार फिर कंगारू टीम को मुश्किल से निकालने का जिम्मा उठाया। उन्होंने 38 गेंद पर तीन चौकों और चार छक्कों की मदद से 59 रन की पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था। जसप्रीत बुमराह की सटीक यॉर्कर ने मैक्सवेल की पारी का अंत किया और भारत को मैच में वापसी करवाई।
कैप्टन आरोन फिंच की फिफ्टी
भारत की ओर से मिले 303 रन के बड़े टारगेट का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया के कैप्टन आरोन फिंच (75) ने अपने करियर की 29वीं फिफ्टी 61 गेंदों पर पूरी की। उन्होंने रविंद्र जडेजा के पारी के 18वें ओवर की चौथी गेंद पर शानदार सिक्स लगाया और निजी स्कोर 55 रन पहुंचा दिया। उन्हें जडेजा ने ही शिकार बनाया और शिखर धवन के हाथों कैच करा दिया। फिंच ने 82 गेंदो पर 75 रन बनाए जिसमें 7 चौके और 3 छक्के जड़े।
158 तक गिरे ऑस्ट्रेलिया के 5 विकेट
सीरीज में पहली बार लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान टीम के 5 विकेट 158 रन तक गिर गए। मार्नस लाबुशेन (7) के तौर पर पेसर टी नटराजन ने अपने इंटरनैशनल करियर का पहला विकेट लिया। इसके बाद स्टीव स्मिथ (7) को शार्दुल ठाकुर ने पविलियन भेजा। हेनरिक्स (22) और फिंच ने तीसरे विकेट के लिए 61 रन जोड़े। हेनरिक्स को भी ठाकुर ने धवन के हाथों कैच कराया। अपना पहला वनडे खेल रहे कैमरन ग्रीन (21) टीम के 5वें विकेट के रूप में आउट हुए।
पंड्या और जडेजा ने दी मजबूती
शानदार फॉर्म में चल रहे हार्दिक पंड्या (92*) ने एक बार फिर ‘संकटमोचक’ की भूमिका निभाते हुए रविंद्र जडेजा (66*) के साथ मिलकर भारत को पांच विकेट पर 302 रन तक पहुंचाया। पंड्या ने 76 गेंद में नाबाद 92 रन बनाए जबकि जडेजा 50 गेंद में 66 रन बनाकर नाबाद रहे। दोनों ने भारतीय पारी को शुरुआती दबाव से निकाला। पंड्या ने अपनी पारी में सात चौके और एक छक्का लगाया जबकि जडेजा ने पांच चौके और तीन छक्के जड़े।
कैप्टन कोहली ने भी जड़ा अर्धशतक
भारतीय कप्तान विराट कोहली ने भी संघर्षपूर्ण अर्धशतक लगाया। उन्होंने 63 रन का योगदान दिया। विराट ने 78 गेंदों की अपनी पारी में 5 चौके लगाए। हालांकि डेब्यू के बाद यह पहला साल रहा जब विराट ने पूरे साल में वनडे फॉर्मेट में कोई शतक नहीं लगाया। कोहली को जोश हेजलवुड ने एलेक्स कैरी के हाथों कैच आउट कराया। कोहली को 32वें ओवर में डीआरएस पर विकेट के पीछे कैच आउट दिया गया।
पंड्या-जडेजा ने बाद में तेजी से बनाए रन
हार्दिक पंड्या और जडेजा 32वें ओवर में साथ आए और छठे विकेट के लिए 150 रन की अटूट साझेदारी की, जिससे खेल की तस्वीर बदल गई। ऑस्ट्रेलियाई टीम शुरूआती दोनों मैच और सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी है। एक समय ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम 250 रन भी नहीं बना सकेगी लेकिन जडेजा और पंड्या ने भारत को 300 के पार पहुंचाया। दोनों ने 46वें से 48वें ओवर के बीच 53 रन जोड़े, पारी के अंतिम पांच ओवरों में 73 रन बने।
वनडे में छठे विकेट के लिए बेस्ट पार्टनरशिप
हार्दिक और जडेजा ने नाबाद 150 रन जोड़े जो भारत के लिए वनडे में छठे विकेट के लिए यह तीसरी सर्वश्रेष्ठ साझेदारी है। साल 2015 में अंबाती रायुडू और स्टुअर्ट बिन्नी ने छठे विकेट के लिए जिम्बाब्वे के खिलाफ 160 रन जोड़े थे जबकि महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह ने जिम्बाब्वे के ही खिलाफ 2005 में 158 रन की पार्टनरशिप की थी। यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे में छठे विकेट के लिए भारत की सर्वश्रेष्ठ साझेदारी है।
खास नहीं कर सका टॉप ऑर्डर
कोहली, पंड्या और जडेजा के अलावा भारत का कोई बल्लेबाज सपाट पिच पर खुलकर नहीं खेल सका। शिखर धवन (16) और केएल राहुल (पांच) जैसे सीनियर बल्लेबाज खराब शॉट खेलकर आउट हुए जबकि श्रेयस अय्यर भी 19 रन ही बना सके। मनुका ओवल की पिच बड़े स्कोर के लिए जानी जाती है लेकिन भारतीय शीर्षक्रम यहां लय हासिल नहीं कर सका।
कैप्टन कोहली ने तोड़ा सचिन का रेकॉर्ड
कैप्टन विराट कोहली इस बीच सचिन तेंडुलकर का रेकॉर्ड तोड़कर सबसे तेजी से 12000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बने। उन्होंने 78 गेंद में पांच चौकों की मदद से 63 रन बनाए। कैप्टन कोहली ने अपने 251 मैच की 241वीं पारी में 12000 वनडे रन पूरे किए। उन्होंने सचिन का रेकॉर्ड तोड़ा जिन्होंने 309 मैच की 300वीं पारी में 12000 वनडे रन पूरे किए थे।
धीमी रही भारत की शुरुआत
भारत की शुरुआत पिछले दो मैचों की तुलना में धीमी रही और पहले तीन ओवर में सिर्फ एक चौका लगा। इस दौरान सलामी बल्लेबाजों ने 12 डॉट गेंद खेलीं। भारत को पांचवें ओवर में पहला झटका लगा जब सीन एबॉट को बाहर निकलकर खेलने के प्रयास में धवन एगर को कैच देकर आउट हो गए। कोहली और गिल ने 56 रन जोड़े लेकिन गिल 16वें ओवर में एगर को स्वीप लगाने के प्रयास में पगबाधा आउट हो गए। अय्यर को मार्नस लाबुशेन ने आउट किया जबकि राहुल खराब स्वीप शॉट खेलकर एगर का दूसरा शिकार हुए।
एगर ने झटके 2 विकेट
एश्टन एगर ने 10 ओवर में 44 रन देकर 2 विकेट झटके, जबकि सीन एबॉट, जोश हेजलवुड और एडम जम्पा ने 1-1 विकेट लिया। ग्लेन मैक्सवेल और हेनरिक्स को कोई विकेट नहीं मिल सका।
-एजेंसियां

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