हादसे के वक्‍त पत्‍नी को गोद में बैठाकर गाड़ी चला रहा था टीवी एक्टर!

मुंबई। करीब तीन महीने पहले टीवी एक्टर शाहबाज बादी की गाड़ी से टकराकर दो लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने चार्जशीट दायर की है। आरएके मार्ग पुलिस ने चार्जशीट में एक प्रत्यक्षदर्शी की गवाही के तौर पर लिखा है कि जब शाहबाज ने गाड़ी का नियंत्रण खोया तो उनकी पत्नी अमरीन उनकी गोदी में बैठी थीं। हालांकि, शाहबाज की ओर से दावा किया गया है कि टक्कर के बाद कार पलटने के की वजह से अमरीन अपनी सीट से निकल गईं थीं और किसी ने हादसे के पहले अमरीन को उनकी गोदी में बैठे नहीं देखा।
एक पैर ब्रेक, एक गेयरबॉक्स के पास
अभियोजन ने दावा किया है कि हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने देखा शाहबाज का एक पैर ब्रेक के पास और दूसरा गेयरबॉक्स के पास था जिससे यह माना गया कि हादसे के वक्त वह शाहबाज की गोदी में थीं। हालांकि, बादी के वकील मुबीन सोलकर ने हादसे से ठीक पहले ली गई एक सेल्फी और वीडियो के जरिए यह दलील दी है कि अभियोजन का आरोप गलत है।
पेश किया वीडियो
बादी की ओर से दावा किया गया है कि सेल्फी और वीडियो में दिख रहा है कि कार के पलटने की वजह से अमरीन अपनी सीट से निकल गईं। उन्होंने दावा किया है कि अमरीन ने सीट बेल्ट पहन रखी थी। उन्होंने कहा कि उनकी ब्लड रिपोर्ट से यह साबित हो गया है कि हादसे के वक्त उन्होंने शराब नहीं पी थी, इसलिए अब उन पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि कपल गलत अवस्था में बैठा था।
हादसे से पहले नहीं देखा
बादी ने कहा है कि जिन गवाहों के बयान अभियोजन ने पेश किए हैं, उनसे यही साबित होता है कि हादसे के बाद अमरीन बादी की गोदी में मिलीं और उनका सिर गाड़ी की खिड़की के बाहर थे। उन्होंने दलील दी है कि किसी ने हादसे के पहले उन्हें बादी की गोदी में बैठे नहीं देखा। एडिशनल सेशन्स जज आरएम सदरी ने बादी को बेल देते हुए कहा कि अभी यह तय नहीं हो सका है कि यह सुनियोजित अपराध था या हादसा।
क्या था मामला
गौरतलब है कि 9 जून को शिवड़ी के जकारिया बंदर बस स्टॉप पर शाहबाज की गाड़ी ने 6 लोगों को टक्कर मार दी थी। हादसे में एक 25 साल के आदमी और उसके 18 साल के रिश्तेदार की मौत हो गई थी जबकि शाहबाज, उनकी पत्नी और दो और लोग घायल हो गए थे। शाहबाज को भारतीय दंड संहिता की धारा 279 (लापरवाही से तेज गाड़ी चलाना) और 304-ए (लापरवाही से मौत होना) के तहत केस दर्ज किया गया। बाद में 13 जून को उन्हें धारा 304-(ll) (गैर-इरादतन हत्या) के तहत गिरफ्तार किया गया। अपराध साबित होने पर उन्हें 10 साल तक की जेल हो सकती है।
-एजेंसियां

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