17 साल की उम्र में सचिन ने आज के ही दिन लगाया था अपना पहला टेस्ट शतक

अपने फैंस के बीच ‘भगवान’ का दर्जा हासिल करने वाले महान बल्लेबाज सचिन तेंडुलकर और भारतीय क्रिकेट के लिए आज का दिन बेहद खास है। आज ही के दिन साल 1990 में सचिन ने अपना पहला टेस्ट शतक लगाया था। सचिन का यह पहला इंटरनेशनल शतक भी था।
17 साल की उम्र में करियर का पहला शतक जड़ने वाले तेंडुलकर ने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार वह सफलता की सीढ़ी चढ़ते गए। सचिन ने इंग्लैंड के खिलाफ 3 मैचों की सीरीज में यह कारनामा किया था।
दाएं हाथ के पूर्व बल्लेबाज सचिन ने मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रेफर्ड में 119 रन की शानदार पारी खेली थी। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए ग्राहम गूच, (116) माइकल आर्थटन (131) और रॉबिन स्मिथ (121) की सेंचुरी की बदौलत 519 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था।
भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। रवि शास्त्री और नवजोत सिंह सिद्धू की सलामी जोड़ी सस्ते में आउट हो गई। इसके बाद मोहम्मद अजहरुद्दीन के 179 और संजय मांजरेकर के 93 ने भारत को मजबूती प्रदान की। सचिन ने भी पहली पारी में 68 रन बनाए। भारत का स्कोर 432 तक पहुंचा।
इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी 320/4 पर घोषित कर दी। एलन लैंब ने 109 रन बनाए। भारत के सामने दूसरी पारी में 408 रनों का लक्ष्य था। भारतीय टीम ने दूसरी पारी में भी नियमित अंतराल पर विकेट खोए। 183 के स्कोर पर उसके छह बल्लेबाज पविलियन लौट चुके थे लेकिन सचिन (119) ने मनोज प्रभाकर (67) के साथ मिलकर मैच ड्रॉ करवाने में अहम भूमिका निभाई।
यह सचिन के शतकों के शतक की शुरुआत थी। टेस्ट क्रिकेट में सचिन ने 51 और वनडे इंटरनेशनल में 49 शतक लगाए। टेस्ट में सचिन का बेस्ट स्कोर 248 नॉट आउट है। यह उन्होंने 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ ढाका में बनाया था। वहीं ODI में दोहरा शतक लगाने वाले वह पहले पुरुष क्रिकेटर भी थे। 2010 में ग्वालियर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 200 रनों की नाबाद पारी खेली थी।
14 अगस्त को ब्रैडमैन आखिरी पारी में खाता भी नहीं खोल सके
इतना ही नहीं, 14 अगस्त 1948 को सर डॉन ब्रैडमैन टेस्ट क्रिकेट में अपनी आखिरी पारी में ओवल के मैदान पर शून्य पर बोल्ड हो गए थे। इसके साथ ही टेस्ट क्रिकेट में उनका बल्लेबाजी औसत 99.94 रहा।
ब्रैडमैन जब बल्लेबाजी करने उतरे तो उनका बल्लेबाजी औसत 101.39 था। उन्होंने पहली गेंद को आराम से खेला। लेग स्पिनर एरिक हॉलिस की अगली गेंद पर वह चूक गए और एक गेंद जो शायद गुगली थी, पर वह बोल्ड हो गए। अपनी आखिरी पारी में वह खाता भी नहीं खोल पाए। ब्रैडमैन को 100 के बल्लेबाजी औसत और 7000 टेस्ट रन के लिए सिर्फ चार रनों की जरूरत थी लेकिन वह पूरा न हो सका।
तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में सचिन ने 245 रन जुटाए
तीन मैचों की सीरीज में सचिन ने 5 पारियों में कुल 245 रन बनाए थे। इस दौरान उनकी बल्लेबाजी औसत 61.25 रही। सचिन ने एक शतक और एक अर्धशतक लगाए। सचिन के क्रिकेट करियर की बात करें तो उन्होंने 1989 से 2013 तक 200 टेस्ट मैचों में कुल 15,921 रन बनाए। टेस्ट में सचिन के नाम 51 सेंचुरी और 6 डबल सेंचुरी दर्ज है। 463 वनडे में तेंडुलकर ने 49 शतक और एक दोहरा शतक की मदद से 18,426 रन बनाए।
-एजेंसियां

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