आरुषि गैंगरेप व हत्याकांड: तीनों हैवानों को पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

बुलंदशहर। बुलंदशहर क्षेत्र से नाबालिग छात्रा को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाई है। तीनों अभियुक्तों पर अर्थदंड भी लगाया गया है। छात्रा के परिजनों ने न्यायालय के फैसले को न्याय की जीत करार दिया है।

गौरतलब है क‍ि उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर के बहुचर्चित आरुषि गैंगरेप और हत्याकांड (चलती कार में गैंगरेप और हत्याकांड) मामले में बड़ा फैसला आया है। केस में पॉक्सो कोर्ट (POCSO Court) ने तीनों गुनहगारों को फांसी (Capital Punishment) की सजा सुनाई है।

आरुषि को 2 जनवरी, 2018 को ट्यूशन से घर लौटते समय अगवा किया गया था। इसके बाद उसके साथ गैंगरेप किया गया फिर हत्या कर दी गई। चलती कार में NH-91 पर आरुषि के साथ बारी-बारी से दरिंदगी की गई थी। 4 जनवरी 2018 को दादरी कोतवाली क्षेत्र के रजवाहे में आरुषि का अज्ञात शव पड़ा मिला था।
पुलिस जांच के बाद शव की शिनाख्त हुई और मुस्ल‍िम समुदाय के तीन दरिंदों को परिजनों ने गैंगरेप और हत्या में नामजद कराया था। अब दो वर्ष की सुनवाई के बाद कोर्ट से आरुषि को इंसाफ मिल गया है। मां ने कहा कि वह दरिंदों को फांसी पर लटकता देखना चाहती हैं।
जनवरी वर्ष 2018 में नगर क्षेत्र की रहने वाली इंटरमीडिएट की 17 वर्षीय छात्रा का कार सवार तीन मुस्ल‍िम युवकों ने अपहरण कर लिया था। पुलिस द्वारा कड़ी मशक्कत करते हुए घटना का खुलासा किया गया और सिकंदराबाद क्षेत्र के रहने वाले दिलशाद, इजराइल तथा जुल्फिकार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस द्वारा जांच पूरी कर तीनों आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया था।

अपर सत्र न्यायाधीश/ पॉस्को एक्ट राजेश पाराशर ने तीनों आरोपियों को नाबालिग छात्रा को अगवा कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म कर हत्या करने का दोषी करार दिया था। बुधवार को न्यायाधीश ने केस में फैसला सुनाते हुए तीनों अभियुक्तों को फांसी और अर्थदंड की सजा सुनाई।

मृतका के पिता और माता ने इसे न्याय की जीत करार दिया है। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अनिल गौड़ ने बताया कि तीनों अभियुक्तों को छात्रा का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के आरोप में फांसी की सजा सुनाई गई है।
– एजेंसी

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