अरुण जेटली की हालत ज्यादा नाजुक, वेंटिलेटर से हटाकर ECMO पर ल‍िए गए

नई दिल्‍ली। एक सप्ताह से एम्स में भर्ती पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। वे आईसीयू में भर्ती हैं। उनकी हालत इस वक्त इतनी खराब है कि उन्हें वेंटिलेटर से हटाकर ईसीएमओ यानी एक्सट्राकॉर्पोरियल मेंब्रेन ऑक्सीजिनेशन (Extracorporeal membrane oxygenation) पर रखा गया है।

गौरतलब है कि ईसीएमओ पर मरीज को तभी रखा जाता है जब दिल, फेफड़े ठीक से काम नहीं करते और वेंटीलेटर का भी फायदा नहीं होता। इससे मरीज के शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाया जाता है। अरुण जेटली को संक्रमण ने चपेट में ले लिया है।

आज शनिवार सुबह जेटली का हालचाल जानने राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह एम्स पहुंचे।बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली (66) की हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है। जेटली को 9 अगस्त को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था। लंबे समय से बीमार चल रहे जेटली से मिलने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह पहुंच चुके हैं। इसके अलावा बीजेपी के कई और नेता और सांसद पूर्व केंद्रीय मंत्री का हाल जानने एम्स पहुंच रहे हैं। 10 अगस्त के बाद से जेटली की हेल्थ को लेकर कोई मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि जेटली के फेफड़ों में पानी जमा हो रहा है और डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा है।
मंत्री जीतेंद्र सिंह हाल जानने पहुंचे
शनिवार सुबह केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह जेटली से मिलने एम्स पहुंचे। शुक्रवार देर रात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन भी अरुण जेटली का हाल जानने के लिए एम्‍स पहुंचे थे। शाह एक घंटे से अधिक समय तक एम्‍स में मौजूद रहे।
मायावती और सतीश मिश्रा भी मिलने पहुंचे
बीमार जेटली को देखने बीएसपी चीफ मायावती और पार्टी के वरिष्ठ नेता सतीश मिश्रा भी एम्स पहुंचे।
इससे पहले शुक्रवार सुबह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तो शाम को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अरुण जेटली से मिलने एम्स पहुंचे थे।
लंबे समय से बीमार हैं जेटली
जेटली को सॉफ्ट टिशू सरकोमा है, जो एक प्रकार का कैंसर होता है। जेटली पहले से डायबिटीज के मरीज हैं। उनका किडनी ट्रांसप्लांट हो चुका है। सॉफ्ट टिशू कैंसर की भी बीमारी का पता चलने के बाद वह इलाज के लिए अमेरिका भी गए थे। उन्होंने मोटापे से छुटकारा पाने के लिए बैरिएट्रिक सर्जरी भी करा रखी है।
स्वास्थ्य कारणों से मोदी-2 सरकार में शामिल नहीं हुए जेटली
दिल्ली विश्वविद्यालय से छात्र नेता के रूप में राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाले जेटली सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील भी हैं। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वित्त मंत्रालय संभालने वाले जेटली स्वास्थ्य कारणों से मोदी-2 सरकार में शामिल नहीं हुए। जेटली अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में भी केंद्रीय मंत्री थे।
-एजेंसियां

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