सेना ने बताया: आपातकाल लगाने के समाचार फेक, माहौल बिगाड़ने की कोशिश

नई दिल्‍ली। कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच देश में माहौल बिगाड़ने वाली अफवाहों का बाजार गर्म है। अब भारतीय सेना को भी सफाई देनी पड़ी है।
कुछ मेसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे थे कि अप्रैल में देश में आपातकाल लगाकर सेना को सड़कों पर उतारा जाएगा। अब सेना ने इसका खंडन किया है। इससे पहले सरकार ने लॉकडाउन बढ़ाने के वायरल मेसेज का खंडन किया और उसे फेक बताया।
सेना ने आपातकाल के वायरल संदेशों को गलत बताते हुए ट्वीट किया, ‘फर्जी और गलत संदेश सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है कि अप्रैल के बीच में देश में आपातकाल लगाया जा सकता है। यह भी कहा जा रहा है कि सेना, पूर्व सैनिकों, एनसीसी और एनएसएस की मदद से ऐसा होगा। यह बिल्कुल फर्जी है।’
पहले फैली थी सामूहिक अंतिम संस्कार की ट्रेनिंग की अफवाह
भारतीय सेना को लेकर हाल ही में एक फर्जी मेसेज और वायरल हुआ था। इसमें कहा गया था कि सेना सामूहिक अंतिम संस्कार करने की ट्रेनिंग ले रही है। भारतीय सेना ने उसे भी फर्जी बताया था। फर्जी संदेश का दावा था कि ऐसी ट्रेनिंग इसलिए दिलवाई जा रही है कि कोरोना से मरने वालों का अंतिम संस्कार किया जा सके।
अफवाहों पर सख्त है केंद्र सरकार
अगर आपके पास भी ऐसे कोई संदेश सोशल मीडिया पर आते हैं तो उन्हें शेयर करने से पहले जरा चेक कर लीजिएगा कि वह झूठा तो नहीं। केंद्र सरकार अफवाह फैलाने वालों पर इस वक्त काफी सख्त है। केंद्र सरकार ने शनिवार को वॉट्सऐप से कहा था कि वह इस वायरस को लेकर जागरूकता फैलाने में मदद करे और फेक न्यूज़ पर अंकुश लगाए।
सरकार ने फेसबुक, ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्मों से फेक न्यूज़ और अफवाहों के फैलने पर रोक लगाने की गुजारिश की है।
-एजेंसियां

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