आर्मी चीफ ने कहा, जीतू के खिलाफ सबूत होगा तो पुलिस के सामने पेश करेंगे

बुलंदशहर। बुलंदशहर हिंसा के आरोपी राष्ट्रीय राइफल्स के जवान जितेंद्र मलिक उर्फ जीतू फौजी की गिरफ्तारी पर जारी अटकलों के बीच सेना प्रमुख बिपिन रावत का बयान सामने आया है। रावत ने कहा कि अगर जीतू के खिलाफ सबूत होगा तो उसे पुलिस के सामने पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘अगर कोई सबूत होगा और पुलिस को उस पर शक है तो हम उसे सामने लाएंगे। हम पुलिस को पूरी तरह से मदद कर रहे हैं।’
बता दें कि टीवी चैनलों पर जीतू को पुलिस को सौंप दिए जाने की खबरें चल रही थीं। सेना और पुलिस अधिकारी अभी तक इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। जीतू को पकड़ने के लिए पुलिस की टीम शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर पहुंची थी। जीतू पर हिंसा भड़काने, आगजनी और हत्या का आरोप है।
एसएसपी समेत 3 का तबादला
उधर के बी सिंह को हटाकर प्रभाकर चौधरी को बुलंदशहर का नया एसएसपी बनाया गया है। के बी सिंह को डीजीपी ऑफिस से अटैच किया किया गया है। इसके अलावा स्याना के डीएसपी सत्य प्रकाश शर्मा और चिंगरावटी के चौकी प्रभारी सुरेश कुमार को सीएम के आदेश पर हटा दिया गया। सत्य प्रकाश को मुरादाबाद के पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में ट्रांसफर कर दिया गया है जबकि सुरेश कुमार का ट्रांसफर ललितपुर कर दिया गया है। इन पर पथराव के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध को छोड़कर भागने का आरोप है।
4 साल पहले सेना में भर्ती हुआ था
पुलिस के पास जीतू फौजी का कोई आपराधिक रेकॉर्ड नहीं है। बताया जा रहा है कि उसने इंटर कॉलेज चित्सौना से हाईस्कूल तक पढ़ाई की। इसके बाद पब्लिक इंटर कॉलेज स्याना से 12वीं की परीक्षा पास की। फिर कुछ समय घनसूरपुर कॉलेज से भी पढ़ा। जीतू की उम्र 24 साल के आसपास बताई जा रही है जो 4 साल पहले ही सेना में भर्ती हुआ था। जीतू शादीशुदा है और उसका 10 महीने का एक बच्चा भी है। गांव के लोगों ने बताया कि जब से वह सेना में भर्ती हुआ है तबसे छुट्टियों में ही घर आता था।
हिंसा, आगजनी और हत्या का आरोप
यूपी आईजी (क्राइम) एस. के. भगत ने कहा कि जीतू का नाम स्याना में हिंसा, आगजनी और हत्या के सिलसिले में लिखी गई मूल FIR में आरोपी के तौर पर शामिल है। मूल एफआईआर में जीतू का जिक्र आरोपी नंबर 11 के तौर पर है और उसका नाम जीतू फौजी पुत्र राजपाल सिंह लिखा हुआ है। मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा, ‘जीतू का नाम एफआईआर में दर्ज है और उसे पकड़ने के लिए टीमें जम्‍मू भेज दी गई है। वह 27 नामजद लोगों में से एक है। अन्‍य पुलिस अधिकारियों ने भी जीतू के पुलिस इंस्‍पेक्‍टर की हत्‍या में सीधे शामिल होने के दावे को खारिज कर दिया है।
‘…तो उसे भी गोली मार दो’
ब्रह्म सिंह का बेटा और जीतू का चचेरा भाई गुड्डू भी मामले में आरोपी है। हालांकि जीतू की मां का कहना है कि उन्हें यकीन नहीं है कि उनका बेटा इंस्पेक्टर की जान ले सकता है। हालांकि उनका कहना है कि अगर उनके बेटे ने इंस्‍पेक्‍टर को गोली मारी है तो उसे भी गोली मार दो। उन्‍होंने आरोप लगाया कि उनकी बहू का जेवर लूट लिया गया है और बेइज्‍जती हुई है। वह केस करेंगी। ब्रह्म सिंह ने बताया, ‘जीतू, गुड्डू और गांव के लोग उस दिन प्रदर्शन वाली जगह में मौजूद थे और फिर बाद में भाग गए। पुलिस की कार्यवाही की डर से कोई वापस नहीं लौटा है।’
-एजेंसियां

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