असम-मिजोरम सीमा विवाद में भारत विरोधी ताकतें सक्रिय हुईं

नई दिल्‍ली। असम-मिजोरम सीमा विवाद में छह असमी पुलिस जवानों की शहादत के बाद क्या भारत विरोधी ताकतें सक्रिय हो गई हैं?
अगर घटना के बाद सोशल मीडिया पर चल रही बहसों पर गौर करें तो इसका जवाव मिल जाता है। ट्विटर पर #assamshotfirst #shame_on_assam #ShameOnAssam #ShameOnHimantaBiswa #ShameonMizo #ShameOnMizoram जैसे ट्रेंड्स चले जिनके जरिए दोनों राज्यों के खिलाफ जहर उगलकर एक-दूसरे के प्रति नफरत फैलाने की खूब कोशिश की गई। #ShameonMizo #ShameOnMizoram के साथ मिजोरम में चीन के समर्थन के पोस्टर दिखाए गए।
दो तिहाई ट्वीट्स अमेरिका से!
डिजिटल वर्ल्ड की गतिविधियों पर नजर रखने वाले विक्रांत कुमार ने पता लगाने की कोशिश की कि ये हैशटैग्स कहां से चल रहे हैं तो चौंका देने वाला नतीजा सामने आया। उन्होंने ट्वीट कर बताया, ‘शेम ऑन असम हैशटैग ट्रेंडिंग देखा तो पता किया कि इसे कौन ट्रेंड करवा रहा है। पता चला कि ज्यादातर हैंडल अमेरिका से हैं और मुश्किल से एक तिहाई भारत से। ज्यादातर बॉट्स का इस्तेमाल किया गया है।’ असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने इस बात पर चिंता जताई। उन्होंने विक्रांत के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, ‘बहुत गंभीर बात है। मैं सहमत हूं- इसके पीछे के लोगों का पता लगाना जरूरी है।’
दरअसल, भड़काऊ ट्विटस पर नजर डालने से यह समझने में देर नहीं लगती है कि ये सभी अनायास ही नहीं हो रहे, बल्कि विरोधी ताकतों की एक सोचा-समझा कैंपेन के तहत ट्वीट्स करवाए जा रहे हैं। इसमें असम और मिजोरम, दोनों राज्यों के खिलाफ भड़काऊ बातें कही गईं। यहां तक कि भारत विरोधी पोस्टर भी शेयर किए गए।
आम नागरिकों ने जताई चिंता
स्वाभाविक है कि ऐसे ट्रेंड्स पर आम भारतीयों की चिंता सामने आती है। प्रज्जवल सिंह ने भी इसे गंभीरता से लेने की मांग की और संदेह जताया कि शायद मिजोरम में कोई अलगाववादी आंदोलन आकार ले रहा है।
वहीं, बीजेपी की युवा मोर्चा इकाई के नेता तपन डेका ने लिखा, ’16वीं सदी में चीन-बर्मा बोर्डर से पलानयन करके उत्तरपूर्वी भारत आने वाला समुदाय अब तक खुद को भारतीय नहीं मान सका है। इसलिए, उन्होंने भारतीय पुलिस बल पर हमला किया।’
अमेरिका में भी भारत विरोधी ताकतों का जमावड़ा!
इसमें कोई शक नहीं कि योजनागत तरीके से विदेशी धरती से फर्जी ट्विटर अकाउंट्स के जरिए जहरीले ट्वीट्स किए गए और खुराफाती ट्रेंड्स चलाए गए। साजिशकर्ता ने दोनों राज्यों के लोगों के स्वाभिमान और भावनाओं को भड़काने की भरपूर कोशिशें कीं। यह पूरी तरह पेड ऑनलाइन कैंपेन था जिसे निश्चित रूप से भारत सरकार और खुफिया विभाग ने भी संज्ञान में जरूर लिया होगा। वैसे भी भारत विरोधी ताकतें कनाडा, ब्रिटेन जैसे देशों के बाद अमेरिका में भी अड्डा जमाने लगी हैं जिसका सबूत वक्त-वक्त पर मिलता रहता है।
-एजेंसियां

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