Anajni mahadev में लगातार बढ़ रहा है शिवलिंग

नई दिल्ली। पौराणिक मान्यता के अनुसार त्रेता युग में माता अंजनी ने पुत्र प्राप्ति और मुक्ति पाने के लिए जहां तपस्या की थी, वहां भगवान शिव ने दर्शन दिए थे तभी से Anajni mahadev में प्राकृतिक तौर पर बर्फ का शिवलिंग बनता है। सोलंगनाला में Anajni mahadev में बना बर्फ का शिवलिंग पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बर्फबारी के बाद कुल्लू, मनाली में देश और विदेश से पर्यटक पहुंचना शुरू हो गए हैं।

यहां झरने से प्राकृतिक शिवलिंग बन गया है। इस शिवलिंग का आकार 35 फीट से अधिक ऊंचा हो गया है। पिछले साल शिवलिंग का आकार 25 फीट तक था।अंजनी महादेव से गिरता झरना बर्फ बनकर शिवलिंग का रूप धारण कर रहा है।

हालांकि इसका आकार फरवरी तक ही बढ़ता था। लेकिन इस बार मार्च महीने में भी तापमान माइनस में रहने से इसके आकार में बढ़ोतरी हो रही है। इसे देखने के लिए सैलानियों के यहां पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।

मनाली से 25 किलोमीटर दूर सोलंगनाला के पास अंजनी महादेव में यह प्राकृतिक शिवलिंग साढ़े ग्यारह हजार फीट की ऊंचाई पर बना है। रिकॉर्ड बर्फबारी से शिवलिंग का आकार दशकों बाद बढ़ा है, जो अप्रैल, मई तक रहेगा। स्थानीय निवासी रूप लाल, शिव, भोला राम, पूर्ण और चंद्र ठाकुर ने कहा कि रोहतांग की तर्ज पर अब अंजनी महादेव भी लोकप्रिय हो रहा है।

इन दिनों सैकड़ों की संख्या में सैलानी यहां पहुंच रहे हैं। शिवलिंग तक पहुंचने के लिए बस और टैक्सी से मनाली पहुंच सकते हैं। मनाली से सोलंगनाला का 15 किलोमीटर सफर टैक्सी से कर सकते हैं। सोलंगनाला से Anjani Mahadev तक पांच किलोमीटर का सफर पैदल या घोड़ों से तय किया जा सकता है।

-एजेंसी

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *