गजनवी की कब्र पर पहुंचा अनस हक्‍कानी, सोमनाथ मंदिर तोड़ने का जिक्र भी किया

अफगानिस्तान में सत्ता में आने के बाद तालिबान ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। तालिबान सरकार में शामिल हक्कानी नेटवर्क के मुखिया अनस हक्कानी ने भारत के खिलाफ जहर उगलना शुरू कर दिया है। पाकिस्तानी पिट्ठू अनस हक्कानी भारत पर 17 बार हमला करने वाले महमूद गजनवी की कब्र पर मंगलवार को पहुंचा। यहां हक्कानी ने गर्व के साथ भारत में सोमनाथ मंदिर की मूर्तियों को तोड़े जाने का जिक्र किया। हक्कानी ने गजनवी की कब्र पर जाने के बाद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।
तालिबानी कमांडर ने सोमनाथ की मूर्ति को तोड़ने का गुणगान ऐसे समय पर किया जब काबुल के एक गुरुद्वारे में हथियारबंद तालिबानी आतंकियों ने कब्‍जा करके तोड़फोड़ की।
काबुल में गुरुद्वारा कार्ते परवान के अंदर तालिबानियों ने की तोड़फोड़
बताया जा रहा है कि काबुल में गुरुद्वारा कार्ते परवान के अंदर हथियारबंद तालिबानी लड़ाके दाखिल हो गए और गार्ड्स को हिरासत में ले लिया। इन लोगों ने परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ डाले। इसके बाद वहां से चले गए। काबुल का यह गुरुद्वारा तालिबान का शासन आने के बाद सिखों और हिंदुओं के लिए पनाहगाह बना था और तब तालिबान ने आश्वासन दिया था कि यहां के लोगों की सुरक्षा की जाएगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक 15-16 हथियारबंद अज्ञात लोग गुरुद्वारे के अंदर दोपहर के वक्त पहुंच गए। इन लोगों ने तीन गार्ड्स के हाथ-पैर बांध दिए। उन्होंने बाहर जाते हुए सीसीटीवी भी तोड़ दिए। घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन को दी गई और मामले की जांच की जा रही है।
उसने ट्वीट कर कहा, सुल्तान महमूद गजनवी की दरगाह का दौरा किया
हक्कानी ने ट्वीट में लिखा कि आज हमने 10 वीं शताब्दी के एक प्रसिद्ध मुस्लिम योद्धा और मुजाहिद सुल्तान महमूद गजनवी की दरगाह का दौरा किया। गजनवी (अल्लाह की रहमत उस पर हो) ने गजनी से क्षेत्र में एक मजबूत मुस्लिम शासन स्थापित किया और सोमनाथ की मूर्ति को तोड़ दिया। इससे पहले एक इंग्लिश चैनल को दिए इंटरव्यू में अनस हक्कानी ने भारत के खिलाफ राय व्यक्त की।
अफगानिस्तान भारत का सच्चा दोस्त नहीं है भारत
हक्कानी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि अफगानिस्तान भारत का सच्चा दोस्त नहीं है। उसने भारत सरकार के साथ ही भारतीय मीडिया की भी आलोचना की। अनस हक्कानी ने कहा था कि भारत को अफगानिस्तान की तरफ अपनी नीति में बदलाव करने की जरूरत है। उसने अफगानिस्तान में तालिबान के शीर्ष नेतृत्व के साथ किसी भी तरह के विवाद से भी इंकार किया। उसके कहा कि तालिबान नेतृत्व के बीच कोई मतभेद नहीं है। उसने आरोप लगाया कि अशरफ गनी की पूर्व सरकार से जुड़े लोगों की तरफ से तालिबान नेतृत्व के भीतर संघर्ष की अफवाहें फैलाई जा रही हैं।
अफगानिस्तान की लड़ाई को भड़का रहा है भारत
भारत के साथ संबंधों पर अनस हक्कानी ने कहा कि दुर्भाग्य से भारत का रवैया पक्षपात वाला रहा है। भारत ने पिछले 20 साल से युद्ध की आग को हवा दी है। हक्कानी ने कहा कि भारत ने अभी तक शांति के लिए कुछ नहीं किया है। हक्कानी ने कहा कि भारतीय मीडिया तालिबानियों की खराब छवि पेश कर रहा है। उसने कहा कि भारत को अफगानिस्तान के प्रति अपनी नीति बदलने की जरूरत है।
तालिबान की नई सरकार में पाकिस्‍तानी सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई के दबाव के बाद हक्‍कानी नेटवर्क के सिराजुद्दीन हक्‍कानी को अफगानिस्‍तान का गृहमंत्री बनाया गया है। यही नहीं, हक्‍कानी नेटवर्क को ही राजधानी काबुल की सुरक्षा का जिम्‍मा दिया गया है। हक्‍कानी नेटवर्क अपने भारत विरोधी रुख के लिए जाना जाता है। अनस हक्कानी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि भारत अफगानिस्तान का सच्चा दोस्त नहीं है। उसने भारत सरकार के साथ ही भारतीय मीडिया की भी आलोचना की थी। अनस हक्कानी ने कहा था कि भारत को अफगानिस्तान की तरफ अपनी नीति में बदलाव करने की जरूरत है। अनस हक्कानी ने कहा कि दुर्भाग्य से, भारत का रवैया पक्षपात वाला रहा है। भारत ने पिछले 20 साल से युद्ध की आग को हवा दी है। हक्कानी ने कहा कि भारत ने अभी तक शांति के लिए कुछ नहीं किया है।
-एजेंसियां

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