अमिताभ ठाकुर ने अपने रिटायरमेंट को दी CAT लखनऊ बेंच में चुनौती

लखनऊ। भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी रहे अमिताभ ठाकुर ने अपने जबरिया रिटायरमेंट के आदेश को सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेशन ट्रिब्यूनल (CAT) लखनऊ बेंच में चुनौती दी है। उन्होंने याचिका में गृह मंत्रालय के आदेश को खारिज करते हुए सेवा में वापस लिए जाने और इस अवधि के समस्त सेवा लाभ दिए जाने की मांग की है। अमिताभ ठाकुर को 23 मार्च को लोकहित में सेवा में उपयुक्त न पाए जाने पर जबरन रिटायर कर दिया गया था। अभी अमिताभ ठाकुर की नौकरी में साढ़े सात साल बाकी थे।

घर के बाहर भी लिखा था जबरिया रिटायर्ड IPS
पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर मूलरूप से बोकारो, झारखंड के रहने वाले हैं। उन्होंने साल 1985 में कानपुर IIT से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। इसके बाद वे उत्तर प्रदेश के होकर रह गए। साल 1992 में उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा के लिए हुआ था। लखनऊ में 5/426 विराम खंड, गोमतीनगर के पते पर एक नेमप्लेट लगी है। उस पर IPS अमिताभ ठाकुर के नाम के आगे जबरिया रिटायर्ड भी लिखा है। यह उन्होंने तब लगाया था जब उन्हें केंद्र सरकार ने नौकरी के लायक न मानते हुए जबरदस्ती रिटायर कर दिया था। यूपी सरकार की भी इस फैसले पर सहमति थी। वे उत्तर प्रदेश में दस जिलों के पुलिस कप्तान रहे हैं। फिलहाल वे यूपी पुलिस में IG के पद पर थे।

मुलायम ने धमकाया था, सस्पेंड भी हुए थे
आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर उस समय चर्चा में आए थे जब उन्होंने सपा सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव पर धमकाए जाने का आरोप लगाते हुए हजरतगंज कोतवाली में तहरीर दी थी। जिसके बाद उनके खिलाफ रेप का मामला तक दर्ज हो गया था और उन्हें निलंबित भी किया गया था।

मुलायम के समधी ने जड़ दिया था थप्पड़
अमिताभ ठाकुर सबसे पहले साल 2006 में तब चर्चा में आए थे, जब उन्होंने उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के समधी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। अमिताभ उन दिनों फिरोजाबाद के SP थे। तब मुलायम सिंह यादव के समधी रामवीर सिंह ने जसराना में उन्हें थप्पड़ मार दिया था जिसके बाद उन्होंने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। यहां से अमिताभ की सत्ताधारियों से लड़ाई शुरू हुई और फिर ये चलती रही है।

अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी डॉक्टर नूतन ठाकुर ने 2015 में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कई शिकायतें दर्ज कराईं। तभी जुलाई 2015 में मुलायम सिंह यादव ने अमिताभ ठाकुर को फोन करके फिरोजाबाद का किस्सा याद दिलाते हुए सुधर जाने की नसीहत दी थी। अमिताभ ठाकुर ने इसे धमकी बताते हुए मुलायम सिंह यादव के खिलाफ ही धमकी का मुकदमा दर्ज करा दिया था।

– एजेंसी

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