अमित शाह ने कहा, इटली के चश्‍मे से राहुल को गुजरात में विकास दिखाई नहीं देगा

अहमदाबाद। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने राहुल गांधी पर जमकर तीर छोड़े। उन्होंने कहा, ‘राहुल को गुजराती चश्मे पहनने की जरूरत है जो इटली में ना बनी हो। इसके बाद ही उन्हें गुजरात में विकास दिखाई देगा। अमित शाह ने कहा, अगर राहुल को गुजरात के सपने आते हैं तो उनको पूरा करने के लिए इटली नहीं पोरबंदर आना पडे़गा।’
वैसे भी गुजरात में इन दिनों कांग्रेस और बीजेपी के बीच जमकर जुबानी जंग चल रही है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने हालिया गुजरात दौरे के दौरान बीजेपी की केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों की जमकर आलोचना की थी।
राहुल ने तंज कसते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने एक के बाद एक, इतने झूठ बोले की विकास पागल हो गया। अब इसे इलाज की जरूरत है।
अमित शाह ने इा दौरान गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पोरबंदर में गुजरात गौरव यात्रा के दौरान अमित शाह ने कहा कि गुजरात में आगामी विधानसभा चुनाव दिसंबर के पहले हफ्ते में होंगे।
अमित शाह के इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। वजह इसकी यह है कि अब तक चुनाव आयोग ने गुजरात चुनाव की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। प्रदेश में विधानसभा का कार्यकाल 22 जनवरी, 2018 तक है। ऐसे में सवाल उठता है कि बीजेपी समय से पहले ही चुनाव क्यों करवाना चाहती है?
जवाब में गुजरात विधानसभा चुनाव के प्रचार का बिगुल फूंकते हुए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने गुजरात गौरव यात्रा की शुरुआत कर की। इस यात्रा की शुरुआत करमसद से हुई, जो लौह पुरुष सरकार वल्लभ भाई पटेल का जन्मस्थान है। माना जा रहा है कि बीजेपी इसके जरिए राहुल गांधी की हालिया सौराष्ट्र यात्रा के असर को खत्म करने की कोशिश करेगी, जिसमें उन्होंने पटेलों को लुभाने का प्रयास किया था।
गौरतलब है कि गुजरात में इस वर्ष के अंत में या फिर नए साल के शुरुआती महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं। सूबे में कुल 182 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें भाजपा के फिलहाल 118 विधायक हैं। एक मई 1960 को गठित गुजरात में पिछले करीब 22 वर्षों से बीजेपी की सरकार है।
करीब 15 साल तक गुजरात के सीएम रहे पीएम नरेंद्र मोदी को इस राज्य के विकास मॉडल के नाम पर ही केंद्र में आने में सफलता मिली थी। उनके पीएम बनने के बाद से अब तक गुजरात के लोग दो सीएम आनंदीबेन पटेल और विजय रूपानी को देख चुके हैं। इससे कहा जा सकता है कि गुजरात को अब भी पीएम मोदी जैसे ही एक सशक्त मुख्यमंत्री की तलाश है। ऐसे में पीएम मोदी और अमित शाह के लिए केंद्र में रहते हुए गुजरात के चुनाव में विजयश्री पाना चुनौती होगा।
-एजेंसी