अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर का जिला सुशासन सूचकांक जारी किया

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर का जिला सुशासन सूचकांक जारी किया। यह मॉडल दूसरे प्रदेशों में भी दोहराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस साल प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इस मॉडल को देश के अन्य राज्यों में भी अपनाया जाएगा।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को वर्चुअल माध्यम से जम्मू-कश्मीर का जिला सुशासन सूचकांक जारी किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विधानसभा सीटों का निर्धारण करने के लिए परिसीमन प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही विधानसभा चुनाव करवाएं जाएंगे। जैसे ही जम्मू-कश्मीर की स्थिति सामान्य होगी उसे पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दिया जाएगा। इस बात का आश्वासन लोकसभा में भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई विकास कार्य किए जा रहे हैं। इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक पहुंचे। लोगों को सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।
दूसरे राज्यों में भी अपनाया जा है यह मॉडल
सभी 20 जिलों का सुशासन सूचकांक जारी करने वाला जम्मू-कश्मीर पहला केंद्र शासित प्रदेश होगा। सुशासन सूचकांक के इस मॉडल को बाद में देश के अन्य प्रदेशों में भी अपनाया जा सकता है। जम्मू कन्वेंशन सेंटर में हुए कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता, भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के अधिकारी व प्रदेश के प्रशासनिक सचिव मौजूद रहे।
लोगों को शिक्षा-स्वास्थ्य और केंद्रीय योजनाओं का लगातार लाभ मिल रहा
गृहमंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर में लगातार विकास कार्य चल रहे हैं। लोगों को शिक्षा-स्वास्थ्य और केंद्रीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है। जम्मू-कश्मीर जन प्रशासन प्रबंधन और ग्रामीण विकास संस्थान के महानिदेशक सौरभ भगत ने बताया कि देश में जिला सुशासन सूचकांक का शाह ने वर्चुअल माध्यम से विमोचन किया।
प्रदेश के सभी बीस जिलों का जिला सुशासन सूचकांक जिलों में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली, पेयजल, अपराध समेत दस बिंदुओं पर आधारित है। जिला सुशासन सूचकांक में सभी जिलों की स्थिति को प्रदर्शित किया गया।
-एजेंसियां

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