कामाख्या दर्शन के बाद अमित शाह इंफाल पहुंचे, कई परियोजनाओं का उद्घाटन

गुवाहाटी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह असम दौरे पर हैं। शनिवार को कई बड़ी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के साथ ही उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया। रविवार की सुबह वह कामाख्या मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने देवी के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। इस दौरान अमित शाह के साथ असम के मुख्यमंत्री सर्बादानंद सोनोवाल और स्वास्थ्य मंत्री हिमांता बिस्व शर्मा भी मौजूद रहे।
गुवाहाटी में कामाख्या के दर्शन करने के बाद अमित शाह इंफाल पहुंचे। यहां वह कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। अमित शाह ने शनिवार को कहा कि पहले 5 साल में कभी-कभार कोई प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर आता था, लेकिन मोदी जी ने 6 साल के अंदर खुद 30 बार पूर्वोत्तर के दौरा किया है और हर बार तोहफा लेकर आए हैं।
अमित शाह ने कहा कि ‘एक जमाने में यहां के सारे राज्यों में अलगाववादी अपना एजेंडा चलाते थे, युवाओं के हाथों में बंदूक पकड़ाते थे। आज वो सभी संगठन मुख्य धारा में शामिल हो गए हैं और आज युवा अपने नए स्टार्टअप के साथ विश्व भर के युवाओं के साथ स्पर्धा कर रहे हैं।’ मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल की तारीफ करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि इनके नेतृत्व में असम के चाय बगानों के लिए ढेर सारे काम किए गए हैं। सबसे पहले 7.20 लाख लोगों के बैंक अकाउंट खोलकर बिचौलियों से बचाने का काम किया है।
असम में अगले साल विधानसभा चुनाव
असम में अगले साल ही विधानसभा चुनाव होने हैं। इसको देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘असम में लगभग साढ़े 4 साल से जो विकास की यात्रा मोदी जी के नेतृत्व में यहां सर्वानंद सोनोवाल और हेमंत विश्व सरमा की जोड़ी ने आगे चलाई है, इसका एक महत्वपूर्ण पड़ाव आज है। आज असम को एक करने के लिए, असम की जनता को एक करने के लिए, असम को भारत के साथ जोड़ने के लिए और असम को विश्व के अंदर गुरु शंकर देव के संदेश को पहुंचाने के लिए एक बहुत बड़ा कार्यक्रम यहां होने जा रहा है।’
‘मोदीजी ने चुनाव यात्रा के दौरान जो कहा, वो करके दिखाया’
उन्होंने कहा कि ‘मुझे बड़े आनंद की अनुभूति हो रही है कि श्रीमंत शंकरदेव का जो जन्मस्थान था, वो घुसपैठियों ने कब्जाया हुआ था। उसे खाली करके आज शंकर देव की महान स्मृति को चिर काल तक स्थायी करने का काम हेमंत विश्वा शर्मा और हमारे मुख्यमंत्री जी करने जा रहे हैं।’ शाह ने कहा कि असम में एक समय आंदोलनों का दौर आया, अलग-अलग बातों को लेकर आंदोलन हुए, सैकड़ों युवा मारे गए। असम की शांति को भंग कर दिया गया साथ ही असम के विकास को रोक दिया गया। मोदी जी ने 2013 के चुनाव अभियान में कहा था कि जब तक पूर्वी भारत विकसित नहीं होता, भारत का विकास असंभव है। 2014 में देश की जनता ने मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाया, मोदी जी के जो शब्द थे, उसको उन्होंने चरितार्थ किया है।
‘पूर्वोत्तर के विकास को केंद्र में रखकर चलाई सरकार’
गृह मंत्री ने आगे कहा, ‘मोदी जी ने पूर्वोत्तर के विकास को केंद्र में रखकर 6 साल सरकार चलाई है। मुझे भरोसा है कि आगे भी हमारी सरकार इसी प्रकार पूर्वोत्तर की सेवा करती रहेगी। आज राज्य के अंतर्गत 11 विधि कॉलेजों की स्थापना की आधारशिला रखी गई है। असम में निजी विधि महाविद्यालय हैं और बहुत पुराना एक विद्यालय भी है। असाम ने इस गोगोई साहब के रूप में CJI देने का काम किया है।’
अमित शाह ने गिनाए एक-एक काम
इंफाल। गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को मणिपुर में पहुंचे यहां उन्होंने कई योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस दौरान अमित शाह ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। कांग्रेस और बीजेपी सरकार के कार्यों की तुलना की और कहा कि वह सिर्फ शिलान्यास करते थे, कभी कोई योजना पूरी नहीं की लेकिन बीजेपी न सिर्फ योजनाएं शुरू करती है बल्कि उसका उद्घाटन भी कर रही है। उन्होंने अपने भाषण के दौरान बीजेपी सरकार के किए गए कार्यों का ब्यौरा दिया।
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने सिर्फ भूमि पूजन किए। भूमि पूजन करके भाग गए। उदघाटन सारे हमारे हिस्से में आ गए। उन्होंने कहा कि मणिपुर की कानून-व्यवस्था की चर्चा होती थी। हमेशा यहां बंद होता था लेकिन बीजेपी सरकार बनने के बाद मणिपुर बंद नहीं हुआ। अब मणिपुर विकास के पथ पर है। यहां पानी की बाढ़ आती थी लेकिन अब विकास की बाढ़ आ रही है। पिछले तीन साल में मणिपुर का चेहरा बदल दिया है।
पीएम ने दी इनरलाइन परमिट
अमित शाह ने कहा कि मूल निवासियों के लिए इनर लाइन परमिट की मांग करते-करते मणिपुर वाले भूल गए थे। सितंबर 2019 में पीएम मोदी ने तय किया कि इनर लाइन परमिट मणिपुर को न देना मणिपुर के मूल निवासियों के साथ अन्याय है और मांगे बगैर इनर लाइन परमिट देने का काम किया।
2500 उग्रवादियों ने डाले हथियार
मणिपुर नक्सलवाद के लिए जाना जाता था। एक के बाद एक सारे नक्सलवादों ने हथियार डाल दिए। हिंसा कम हुई है। जो नक्सलवाद बचे हैं जल्द ही वह भी मेन स्ट्रीम में आ जाएंगे। 8 अलग-अलग उग्रवादियों के संगठन के 2500 से ज्यादा लोगों ने हथियार डाले।
तीन साल में 30 फीसदी लोगों को पीने का शुद्ध पानी
2004 के बाद कांग्रेस की मनमोहन सरकार आई। सिंचाई परियोजना पर काम नहीं हुई। 2016 में पीएम मोदी की सरकार आने के बाद 462 करोड़ देकर 33 हेक्टेयर की सिंचाई की योजना शुरु की। पहले सिर्फ तीन फीसदी लोगों को ही पीने का शुद्ध पानी मिलता था। तीन साल में अब तीस फीसदी लोगों को पीने का शुद्ध पानी मिल रहा है।
क्या है इनर लाइन परमिट, समझिए
दरअसल, इनर लाइन परमिट एक यात्रा दस्तावेज है। इसे भारत सरकार अपने नागरिकों के लिए जारी करती है ताकि वे किसी संरक्षित क्षेत्र में निर्धारित समय के लिए यात्रा कर सकें। नॉर्थ ईस्ट के राज्यों के लिए इनर लाइन परमिट का इस्तेमाल अंग्रेजी शासन के समय से किया जाता है। अंग्रेजों के शासन काल में सुरक्षा उपायों और स्थानीय जातीय समूहों के संरक्षण के लिए 1873 के रेग्युलेशन में इसका प्रावधान किया गया था।
अमित शाह ने गिनाए बीजेपी के ये भी काम
– खेल के लिए सेंट्रल खेल यूनिवर्सिटी
– मेडिकल कॉलेज खुलेगा।
– पांच योजनाएं सिंचाई की तीन साल में पूरी हुईं।
– 1186 युवाओं ने मणिपुर में स्टार्टअप शुरू किया।
– इलाकों को जोड़ने के लिए सड़कें, जिससे टूरिज्म को फायदा
– 33 फीसदी बजट स्थानीय समुदायों और पिछड़े इलाकों के लिए दिया गया।
– तीन साल में 222 प्रतिशत की वृद्धि पर्यटन में हुई।
– 13 वित्त आयोग की तुलना में अब बजट 251 फीसदी बढ़ा है।
– 34 फीसदी केंद्रीय बजट में वृद्धि की गई।
– पांच प्रमुख राजधानियों को रेल लाइन से जोड़ना।
– वायु परियोजना शुरू की गई।
– तीन प्रमुख सड़कें बनाई गईं।’
-एजेंसियां

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