अमेरिकी छात्र visa policy में बदलाव के खिलाफ कोर्ट में दी चुनौती

वाशिंगटन। हार्वर्ड और एमआईटी समेत 65 विश्वविद्यालयों ने ट्रंप द्वारा इस वर्ष अगस्त में घोषित नई छात्र visa policy को कोर्ट में चुनौती दी है। उनका कहना है कि इससे अमेरिका की उच्च शिक्षा प्रणाली को झटका लगेगा। विश्वविद्यालयों का कहना है कि विदेशी छात्रों को अधिक दिनों तक अमेरिका में रहने से प्रतिबंधित करना देश के हित में नहीं है।

मौजूदा नियमों के तहत वीजा अवधि समाप्त होने पर भी छात्र छह महीने तक अमेरिका में रह सकते हैं। इस अवधि के बाद ही सरकार उन्हें वापस उनके देश भेजने के साथ ही उन पर तीन साल का प्रतिबंध भी लगा सकती है।

छह महीने की यह अवधि वीजा खत्म होने का सरकारी नोटिस आने के अगले दिन से शुरू होती है। लेकिन प्रस्तावित नए नियमों में डिग्री पूरी होते ही या वीजा अवधि खत्म होते ही विदेशी छात्रों के अमेरिका में रुकने को गैरकानूनी करार दे सकता है। इस नियम का उल्लंघन करने वाले को दोबारा अमेरिका आने से तीन या दस साल तक के लिए प्रतिबंधित किया जा सकता है।

येल और प्रिंसटन जैसे विश्वविद्यालयों का कहना है कि यह visa policy नियम एफ, जे और एम श्रेणी में अकादमिक वीजा लेकर आए छात्रों के साथ ही शैक्षणिक संस्थानों और देश के हित में भी नहीं है।

-एजेंसी

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