अमेरिका ने आतंकवाद पर एक बार फिर पाकिस्तान को कठघरे में खड़ा किया

वॉशिंगटन। अमेरिका ने आतंकवाद को लेकर एक बार फिर पाकिस्तान के रवैये पर नाराजगी जाहिर की है। ट्रंप प्रशासन के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में निश्चित तौर पर और ज्यादा कदम उठाने की जरूरत है। अधिकारी का यह बयान तब आया जब कई अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान द्वारा अपनी सरजमीं से संचालित आतंकी संगठनों के खिलाफ संतोषजनक कार्यवाही नहीं करने पर चिंता जाहिर की।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय में काउंटर टेररिजम के समन्वयक नाथन अलेक्जेंडर सेल्स ने बुधवार को कांग्रेस में सुनवाई के दौरान कहा कि अमेरिका दुनिया के किसी भी हिस्से में आतंकवाद को समर्थन मिलने से ‘बहुत चिंतित’ है। उन्होंने कहा कि हमने पाकिस्तानी सरकार से उच्च स्तर पर संवाद किया है और हमें उम्मीद है कि इस्लामाबाद आतंकी संगठनों पर उसी तरह कार्यवाही करेगा, जिस तरह 9/11 के बाद उसने अल कायदा के खिलाफ की थी।
सेल्स ने कहा कि पाकिस्तान को हक्कानी नेटवर्क, लश्कर-ए-तैयबा और क्षेत्र में सक्रिय दूसरे आतंकवादी संगठनों के खिलाफ वैसी ही प्रभावी कार्यवाही की जरूरत है, जैसी अल कायदा के खिलाफ की गई थी।
सुनवाई के दौरान अमेरिकी संसद की एक अहम समिति के चेयरमैन और सांसद टेड पोए ने कहा कि पाकिस्तान अपना काम नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के आतंकी दूसरे देशों में हमले कर रहे हैं और यह सिलसिला कई वर्षों से चल रहा है। सांसद ने कहा कि अमेरिका हर साल पाकिस्तान को करोड़ों डॉलर देता है लेकिन वह आतंकवादियों को अपने ही देश में सुरक्षित पनाहगाह देता है जो अफगानिस्तान जैसे दूसरे मुल्कों में हमला करते हैं। हालांकि उन्होंने काउंटर टेररिजम के लिए पाकिस्तान को फंड नहीं देने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्रालय की तारीफ की।
बता दें कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय के इंस्पेक्टर जनरल ने पिछले साल एक रिपोर्ट पेश की थी, जिसके मुताबिक पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ कार्यवाही नहीं कर रहा है। रिपोर्ट में बताया गया इस्लामाबाद काउंटर टेररिजम के लिए अमेरिका से मिले फंड का समुचित इस्तेमाल नहीं कर रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप भी पाकिस्तान के रवैये पर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। इस साल के अपने पहले ट्वीट में ट्रंप ने आतंकवादियों के खिलाफ कड़ा ऐक्शन लेने में पाकिस्तान की आनाकानी पर असंतोष जाहिर किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्वीट किया था, ‘अमेरिका ने मूर्खतापूर्वक पाकिस्तान को पिछले 15 सालों में 33 अरब डॉलर से ज्यादा की मदद की। लेकिन उन्होंने धोखा देने और झूठ बोलने के सिवा कुछ नहीं किया। उन्हें लगता है कि हमारे नेता मूर्ख हैं। उन्होंने उन आतंकियों को अपने यहां सुरक्षित पनाह दी, जिन्हें हम अफगानिस्तान में ढूंढ रहे हैं। अब और नहीं!’ बाद में ट्रंप ने पाकिस्तान को दी जाने वाली सभी तरह की रक्षा वित्तीय मदद को रोकने का आदेश दिया।
-एजेंसियां

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