पूरी दुनिया के लिए चीन को चुनौती मानता है अमेरिका, कड़ा रुख अपनाने की तैयारी

वॉशिंगटन। अमेरिका चीन को सिर्फ दक्षिण-एशिया में ही नहीं, इंडो-पैसिफिक के साथ पूरी दुनिया के लिए चुनौती और खतरा मानता है। यही कारण है कि अब वह Quad देशों के संबंधों को औपचारिक रूप देने पर काम कर रहा है। Quad देश यानी भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका।
जापान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश के गृह विभाग के एक सीनियर अधिकारी का कहना है कि इन चार देशों के बीच मजबूत होते रणनीतिक संबंधों को औपचारिक रूप देने का प्लान बनाया जा रहा है ताकि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन को टक्कर दी जा सके।
‘यहां NATO, EU जैसा कुछ नहीं’
गृह विभाग के उपसचिव स्टीफन बीगन ने बताया है, ‘यह सच है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में मजबूत बहुपक्षीय ढांचे की कमी है। उनके पास NATO, यूरोपियन यूनियन जैसा कुछ नहीं है। यहां एक मौका है कि किसी वक्त पर ऐसे स्ट्रक्चर को औपचारिक रूप दिया जाए।’ Quad यानी Quadrilateral Security Dialogue में शामिल चारों लोकतांत्रिक देश समय-समय पर समिट और सैन्य अभ्यास करते हैं। इसके साथ ही क्षेत्रीय आर्थिक और विकास में सहयोग पर चर्चा होती है। बीगन का कहना है कि भले ही अमेरिका की रणनीति चीन को हर क्षेत्र में पीछे करने की है, सिर्फ यही Quad का मकसद नहीं है।
चारों देशों से चीन के संबंध तल्ख
चीन ने कई मौकों पर Quad की आलोचना की है। अमेरिका से उसका व्यापार से लेकर कोरोना वायरस और दक्षिण चीन सागर तक कई मुद्दों पर विवाद चल रहा है। भारत के साथ उत्तर-उत्तरपूर्व सीमा पर भी तनाव है जबकि जापान के ईस्ट चाइना सी में सेंकाकू टापू पर चीन की बुरी नजर गढ़ी है। कोरोना वायरस की महामारी फैलने को लेकर सवाल उठाने के बाद से ऑस्ट्रेलिया के साथ भी चीन के संबंध तल्ख हो चुके हैं।
‘सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं रहेंगे संकल्प’
सीनियर रक्षा विश्लेषक डेरेक ग्रॉसमन ने भी पिछले महीने कहा था कि Quad के इतिहास में ऐसा पहली बार है जब चीन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की तैयारी की जा रही है। इसके आने वाले परिणाम काफी अहम हो सकते हैं। उनके मुताबिक Quad के संकल्प सिर्फ प्रतीकात्मक रहेंगे बल्कि और ज्यादा मजबूत शक्ल लेंगे। इससे चीन को दूर रखने की कोशिश ज्यादा असरदार हो सकती है।
‘और देश भी हो सकते हैं शामिल’
बीगन का यह भी कहना है कि Quad सिर्फ इन्हीं चार देशों के लिए नहीं है। दूसरे देशों को इसमें साथ लाने के भी पर्याप्त कारण हैं। उनका इशारा हाल ही में Quad देशों की दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड और वियतनाम के साथ हुई बातचीत की ओर था। उन्होंने इस वार्ता को काफी प्रोडक्टिव बताया और इसे ‘प्राकृतिक समूह’ बताया।
-एजेंसियां

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