Amazon के मालिक Jeff Bezos का मोबाइल हैक, डेटा चोरी

दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी Amazon के मालिक Jeff Bezos का मोबाइल एक वॉट्सऐप मेसेज को रिसीव करने के साथ ही हैक हो गया। बताया जा रहा है कि जिस नंबर से जेफ को मेसेज भेजा गया वह सउदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का था।
दावा किया जा रहा है कि कुछ ही घंटों में जेफ के मोबाइल का काफी ज्यादा डेटा चोरी हो गया है।
वीडियो फाइल से हैक हुआ जेफ का वॉट्सऐप
The Guardian की रिपोर्ट के अनुसार ऐसा माना जा रहा है कि जेफ और सउदी प्रिंस से बातचीत के दौरान एक वीडियो सेंड किया गया था। यह वीडियो एक मलीशस फाइल थी, जिसे जेफ के फोन में घुसपैठ लिए डिजाइन किया गया था। इससे पहले अमेरिका की एक गॉसिप मैगजीन the National Enquirer पर भी जेफ की निजी जानकारियों को लीक करने का आरोप लग चुका है।
इसमें द वॉशिंगटन पोस्ट के कॉलम्निस्ट जमाल खशोगी के मर्डर से जुड़ी जानकारियों को भी लीक किया गया था।
उल्‍लेखनीय है कि ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ अमेरिका का जाना-माना अखबार है और इसके मालिक भी जेफ बेजॉस ही हैं।
ब्लैकमेलिंग और एक्सटॉर्शन का आरोप
जेफ के निजी जिंदगी पर पहले भी नजर रखने की कोशिश की जा चुकी है। the National Enquirer ने जेफ और उनकी गर्लफ्रेंड (फॉक्स न्यूज की पूर्व ऐंकर लॉरेन सांचेज) के बीच हुई बातचीत को पब्लिश कर दिया था। इसके बाद साल 2019 में जेफ ने टैबलॉइड पब्लिशर पर ब्लैकमेलिंग और एक्सटॉर्शन का आरोप लगाया था। जेफ का दावा था कि टैबलॉइड की पैरंट कंपनी American Media Inc ( AMI) ने उनसे कहा था कि उनकी निजी जिंदगी की रिपोर्टिंग का कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है और अगर ऐसा होता तो टैबलॉइड में उनकी ढेरों गलत तस्वीरों को छापा जाता जिनमें कुछ बेहद अंतरंग फोटो भी शामिल थे।
सउदी अरब ने किया इंकार
मीडिया रिपोर्ट्स के बाहर आने के बाद जेफ को AMI और सउदी अरब के कनेक्शन का अंदाजा हुआ। जेफ का मानना है कि वॉशिंगटन पोस्ट में खशोगी के मर्डर को लेकर की गई कवरेज से सउदी प्रिंस खुश नहीं थे। दूसरी तरफ सउदी के विदेश मंत्री अदिल अल-जुबेर का कहना है कि इस मामले से सउदी अरब का कोई सबंध नहीं है। साथ ही the National Enquirer ने भी अपनी जेफ के आरोपों का खंडन किया और कहा जेफ की रिपोर्टिंग करते वक्त गलत तरीकों का इस्तेमाल नहीं किया गया।
दरअसल, टेक्नोलॉजी से जहां आज कई काम आसान हुए हैं वहीं इससे यूजर्स की प्राइवेसी और डेटा पर भी खतरा बढ़ा है। हैकर्स आजकल हाई सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी को भी आसानी से बाईपास करके किसी को भी अपना शिकार बना सकते हैं।
-एजेंसियां

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