राशन के साथ-साथ गरीबों को भरण-पोषण भत्ता भी देगी योगी सरकार

लखनऊ। लॉकडाउन में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राशन के साथ-साथ 1,000 रुपये का भरण पोषण भत्ता भी दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोकभवन में टीम-11 की बैठक के दौरान कहा कि निजी क्षेत्र के शिक्षण संस्थाओं, चिकित्सालयों और अन्य कार्यालयों में तैनात अस्थायी कर्मचारियों को भी अनिवार्य रूप से वेतन दिलाने के निर्देश दिए हैं।
अभी तक सरकार औद्योगिक इकाईयों में तैनात श्रमिकों को 512.98 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है। इसके अलावा 23.70 लाख श्रमिकों को सरकार 236.98 करोड़ रुपये भरण-पोषण भत्ते के रूप में दे चुकी है। इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों को सीएम ने निर्देश दिया है कि वे इस आपदा में मानवीयता एवं संवेदना का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अपने कर्मियों की पूरी मदद करें और अपने-अपने कर्मचारियों के वेतन का भुगतान कर दें।
लोकभवन में कोर टीम के साथ बैठक में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ का फोकस प्रदेश की सभी औद्योगिक इकाइयों पर ही था। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण लॉकडाउन के बाद श्रमिकों की समस्याओं को देखते हुए सरकार ने निजी क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों को अपने कर्मचारियों के वेतन के भुगतान का निर्देश दिया था। अब अधिकारी पता करें कि कहीं किसी इंडस्ट्री ने अपने कर्मियों का वेतन रोका तो नहीं है।
स्पेशल ड्राइव चलाकर होगी जमातियों की जांच
मीटिंग में यह भी तय किया गया कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए तबलीगी जमात के लोगों की स्पेशल ड्राइव चलाकर जांच की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां कोविड-19 से जुड़े मरीज हैं, वहां ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जरूरत पड़े तो विमान का करें इस्तेमाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण रोकने के लिए सभी जरूरी मेडिकल उपकरणों की व्यवस्था जल्द से जल्द पूरी की जाए। अगर इन उपकरणों के परिवहन में देरी हो रही है, तो स्टेट प्लेन का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
बिजली गिरने से मौत पर 4 लाख मिलेगा मुआवजा
मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश में आंधी, भारी बारिश और ओले गिरने से मची तबाही पर भी चर्चा की। उन्होंने आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि से हुए हादसे में मारे गए लोगों के परिवारीजनों को चार-चार लाख रुपये का सहायता देने का भी ऐलान किया है।
-एजेंसियां

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