अखिलेश भी बोले, बसपा और सपा के रास्ते अलग-अलग, तो उसका भी स्वागत

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद एसपी-बीएसपी गठबंधन पर फिलहाल के लिए ब्रेक लगता दिख रहा है। जहां एक ओर बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने अखिलेश यादव को नसीहत देते हुए उपचुनाव अकेले लड़ने का ऐलान किया है, वहीं दूसरी ओर अखिलेश यादव ने भी मौजूदा हालात में गठबंधन की राहें अलग होने पर मुहर लगा दी है।
बता दें कि लोकसभा चुनाव में गठबंधन ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया था और बीएसपी को 10 और एसपी को 5 सीटें ही हासिल हुई थीं।
गाजीपुर में एसपी कार्यकर्ता के परिजनों से मिलने पहुंचे अखिलेश यादव ने कहा, ‘लोकसभा चुनाव के बाद सबसे ज्यादा राजनैतिक हत्याएं हो रही हैं। गठबंधन को लेकर यही कहूंगा कि अगर गठबंधन टूटा है तो उस पर बहुत सोच-समझकर विचार करूंगा। हम कुछ कहें, कोई कुछ कहे, आप आंकलन करें। उपचुनाव की तैयारी एसपी भी करेगी। 11 सीटों पर वरिष्ठ नेताओं से राय-मशविरा करके पार्टी चुनाव लड़ेगी। रास्ते अलग-अलग हैं तो उसका भी स्वागत और सबको बधाई।’
गाजीपुर में एसपी कार्यकर्ता विजय यादव की हत्या हो गई थी। अखिलेश ने कहा कि गठबंधन जरूरी नहीं है। मेरे लिए जरूरी है जिसकी हत्या हुई है उसे न्याय मिले। समाजवादी सरकार थी तो मदद होती थी आज मदद नहीं हो रही है लोगों की। यह सरकार कानून व्यवस्था पर ध्यान नहीं दे रही है। आजमगढ़ से गाजीपुर रवाना होने से पहले भी अखिलेश ने गठबंधन से अलग होने के संकेत देते हुए कहा था कि 2022 में यूपी में एसपी की सरकार बनेगी।
बता दें कि इससे पहले दिल्ली में मायावती ने मीडिया से बात करते हुए एक तरफ अखिलेश और डिंपल के साथ हमेशा के लिए रिश्ते बने रहने की बात कही तो दूसरी तरफ फिलहाल चुनावी राजनीति में अकेले ही आगे बढ़ने की भी पुष्टि की। मायावती ने लोकसभा चुनाव में करारी हार का ठीकरा समाजवादी पार्टी पर फोड़ते हुए कहा कि उन्हें यादव वोट ही नहीं मिले।
-एजेंसियां

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