ट्रम्प के दौरे से आगरा के मार्बल उद्योग को लगेंगे पंख

आगरा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के भारत दौरे से जहां दो देशों के बीच और अच्छा सामंजस्य व रिश्ते प्रगाढ़ होना तय माना जा रहा है तो साथ ही आगरा के मार्बल उद्योग में भी पंख लगना तय माना जा रहा है।

बीती 16 फरवरी को वाराणसी में आयोजित ‘काशी एक रूप अनेक’ हस्तशिल्प प्रदर्शनी के बाद सरकार के आदेश पर आगरा के शहीद नगर स्थित पुष्पांजलि फेयर ट्रेड में आज एमएसएमई की स्वायत्त संस्था उप्र इंस्टीट्यूट आफ डिजाइन संस्थान की अध्यक्ष क्षिप्रा शुक्ला के साथ अमेरिका और कनाडा के डेलीगेट्स ने भ्रमण कर मार्बल कारीगरों के साथ मुलाकात की।

डेलिगेट्स का स्वागत पुष्पांजलि फेयर ट्रेड के स्वामी अनुराग मित्तल ने पुष्प गुच्छ और प्रतीक चिन्ह (मार्बल की कलाकृति) देकर किया। इस मुलाकात के दौरान डेलिगेट्स ने इस हस्तकला के मजदूरों के उत्थान के लिए प्रयास करने की बात कही है । पुष्पांजलि फेयर ट्रेड के अनुराग मित्तल के साथ डेलिगेट्स ने मजदूरों के काम की सफाई को बारीकी से देखा और उनके काम की भरी पूरी प्रशंसा करते हुए कारीगरों के स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बढ़ाने की कोशिश करने की बात कही।

संस्था की अध्यक्ष क्षिप्रा शुक्ला ने बताया कि बीती 16 फरवरी को वाराणसी में ‘काशी एक रूप अनेक’ हस्तशिल्प प्रदर्शनी लगी थी जिसमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही तमाम विदेशी डेलिगेट्स भी शामिल हुए थे। इसके बाद सरकार की तरफ से आदेश मिलने पर विदेशी डेलिगेट्स को आज आगरा के मार्बल से कलात्मक उत्पाद तैयार करने वाले शिल्पियों से मुलाकात करवाने के लिए लाया गया है। हमारी संस्था एमएसएमई के माध्यम से यह प्रयास किये जा रहे हैं कि विदेशी और देशी निर्यात के दौरान इन कारीगरों के बीच मध्यस्थ को हटाकर सीधा संपर्क करने की व्यवस्था की जाए ताकि इन्हें इनके काम का उचित मूल्य मिल सके। ऐसा माना जा सकता है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के भारत दौरे के दौरान उनसे चर्चा कर आगरा के इस बेहतरीन हस्तशिल्प और पच्चीकारी के निर्यात को बढ़ाने और इस पर टैक्स कम करने का काम भी सरकार द्वारा किया जाएगा।

आज उप्र इंस्टीट्यूट ऑफ़ डिजाइन संस्थान की अध्यक्ष और विदेशी दल का निर्देशन कर रही क्षिप्रा शुक्ला ने बताया कि दल में छः अमेरिकी और दो कनाडा के सदस्य हैं। सदस्यों में एडम, पैट्रिशिया जानसन, मेरिटा, मायला अरजाटन, मैगी, ग्रेनी आदि ने वहां काम कर रहे नावेद खान, शकील, मति अहमद, नसीरुद्दीन, वसीम खान, अयास खान और ताहिर से बात करते वक्त काफी भावुकता दिखाई और उनके साथ ढेर सारी फोटो भी खिंचवाई। सभी कारीगरों का कहना था कि प्रधानमंत्री जी हमारे लिए जो कर रहे हैं वो उनके अच्छे और जमीनी व्यक्तित्व को दर्शा रहा है। हम सभी उनका दिल से धन्यवाद करते है। पुष्पांजलि फेयर ट्रेड के कलाप्रेमी अनुराग मित्तल ने कहा कि आज भले ही सरकार और कारखाने चलाने वाले लोग कारीगरों के लिए तमाम कोशिश कर रहे हैं पर फिर भी बने हुए सामान को मध्यस्थता करने वाले सस्ते में खरीद कर उनके दामो पर बेचते हैं और अगर सरकार के हस्तक्षेप से यह मध्यस्थता खत्म हो जाएगी और निर्यात के रास्ते खुलेंगे तो यह हस्तकला पूरे विश्व मे अपनी पहचान बनाएगी।

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