दक्षिण चीन सागर में चीन और अमेरिका के बीच आक्रामक संकेत जारी

चीन और अमेरिका के बीच दक्षिण चीन सागर को लेकर टकराव के बीच दोनों ओर से आक्रामक संकेत जारी हैं। अब चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने शनिवार से दक्षिण चीन सागर पर लाइव-फायर ड्रिल्स शुरू कर दी हैं और उसके प्रॉपगैंडा अखबार ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि अमेरिका की ओर से बढ़ते उकसावे के बीच चीन ने यह ड्रिल की हैं।
दक्षिण चीन सागर में चीन युद्धाभ्यास कर रहा है। चीन की सेना ने जंगी जहाजों और फाइटर जेट्स के साथ ड्रिल की है। चीन का कहना है कि क्षेत्र में अमेरिका की घुसपैठ के बीच यह ड्रिल की गई है।
गुआन्गडान्ग प्रांत के लेझू क्षेत्र में ताकतवर हथियारों के साथ यह अभ्यास किया है। इस दौरान PLA की एयरफोर्स के जंगी जहाजों ने एंटी-शिप, एंटी-एयरक्राफ्ट अभ्यास किए। चीनी मिलिट्री एक्सपर्ट का मानना है कि इस अभ्यास में नेवी और रॉकेट फोर्स का जॉइंट ऑपरेशन भी हो सकता है। साथ ही चीन की एंटी-एयरक्राफ्ट कैरियर बैलिस्टिक मिसाइल भी शामिल हो सकती हैं। ये ड्रिल दो चरणों में हो रही है और 2 अगस्त तक चलेगी।
दुश्मन से लड़ने की ट्रेनिंग
चीनी मिलिट्री एक्सपर्ट सॉन्ग झॉन्गपॉन्ग का कहना है कि एयर-फोर्स की लाइव-फायर ड्रिल में आमतौर पर एयरक्राफ्ट और जमीन के जहाजों को शूट किया जाता है। इनके जरिए हवा में ताकत हासिल की जा सकती है और दक्षिण चीन सागर में दुश्मन के जहाजों को निशाना बनाने की ट्रेनिंग होती है। रॉकेट फोर्स के साथ ऐंटी-शिप अभ्यास में बैलिस्टिक मिसाइलें बड़े जहाजों को निशाना बना सकती हैं और ऐंटी-शिप क्रूज मिसाइलें भी 300-400 किमी दूर के निशाने पर हमला कर सकती हैं।
‘अमेरिका कर रहा घुसपैठ’
ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि PLA ऐसे वक्त में ड्रिल कर रही है जब अमेरिका की सेना दक्षिण चीन सागर में रेकी और जंगी जहाजों-एयरक्राफ्ट से अभ्यास करने के लिए घुसपैठ कर रही है। अखबार ने एक्सपर्ट्स के हवाले से लिखा है कि इससे दोनों सेनाओं के बीच टकराव की आशंका बढ़ सकती है। उधर, अमेरिका लगातार दक्षिण चीन सागर में चीन की गतिविधियों को क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के लिए खतरा बता रहा है।
-एजेंसियां

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