पुलवामा हमले के बाद पोकरण में भारतीय वायुसेना ने शुरू की एक्सरसाइज

जैसलमेर। पुलवामा हमले के 48 घंटे बीतने के बाद राजस्थान के पोकरण में भारतीय वायुसेना ने अपनी एयर एक्सरसाइज की शुरुआत की है। वायसेना की ओर से पोकरण में आयोजित अभ्यास ‘वायुशक्ति-2019’ में सुखोई-30, मिग-29, मिराज-2000, जगुआर, मिग-27 जैसे फ्रंटलाइन फाइटर एयक्राफ्ट्स ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है।
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले के 48 घंटे बीतने के बाद राजस्थान के जैसलमेर में भारतीय वायु सेना ने अपनी विध्वंसक शक्तियों का प्रदर्शन किया। जैसलमेर के पोकरण में भारतीय वायुसेना की ओर से ‘वायुशक्ति-2019′ का आयोजन किया गया, जिसमें एयरफोर्स के 130 से ज्यादा फाइटर, ट्रांसपॉर्ट एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर्स ने हिस्सा लिया।
पुलवामा की घटना के दो दिन बाद हुए इस कार्यक्रम में एयर चीफ एयर मार्शल बी. एस. धनोआ ने किसी भी जवाबी कार्यवाही के लिए एयरफोर्स को पूरी तरह से तैयार बताया। उन्होंने इस कार्यक्रम के दौरान बात करते हुए पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान पर किसी एयर ऐक्शन के सवाल पर कहा,’पॉलिटिकल लीडरशिप जो भी जिम्मेदारी देगी उसे अच्छी तरह निभाने के लिए एयरफोर्स पूरी तरह तैयार है।’
सुखोई और जगुआर विमानों ने दिखाई ताकत
देश में एयर टू ग्राउंड वेपन फायरिंग की सबसे बड़ी रेंज पोकरण में हुए इस अभ्यास ‘वायुशक्ति’ में स्वदेशी एयरक्राफ्ट वेपन और इक्विपमेंट ने भी अपनी ताकत दिखाई। इस अभ्यास में सुखोई-30, मिग-29, मिराज-2000, जगुआर, मिग-27 जैसे फ्रंटलाइन फाइटर एयक्राफ्ट तो शामिल हुए ही, साथ ही स्वदेशी तेजस और अडवांस लाइट हेलिकॉप्टर रुद्र ने भी फायरिंग में हिस्सा लिया।
स्वदेशी ‘आकाश’ ने दिखाई विध्वंस की ताकत
‘वायुशक्ति-2019’ में इस साल स्वदेशी मिसाइल डिफेंस सिस्टम ‘आकाश’ की मारक क्षमता भी दिखी। सतह से हवा में मार करने वाली आकाश मिसाइल पहली बार अभ्यास में शामिल हुई। 25 किमी तक की मारक क्षमता वाली आकाश मिसाइल को हवा में मौजूद किसी खतरे जैसे एयरक्राफ्ट, हेलिकॉप्टर या ड्रोन को सतह से ही निशाना साधकर नष्ट करने के मकसद से डिफेंस लैब में ही विकसित किया गया है।
पुलवामा हमले के बाद अभ्यास महत्वपूर्ण
बता दें कि राजस्थान की पोकरण रेंज देश में एयर टू ग्राउंड वेपन फायरिंग की सबसे बड़ी रेंज कही जाती है। पुलवामा हमले के बाद राजस्थान में हो रहे इस अभ्यास को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भले ही वायुसेना की ओर से इस अभ्यास की तैयारी काफी पहले से ही रही हो लेकिन पुलवामा हमले के बाद लगातार उठ रही काउंटर ऐक्शन की मांग के बीच इस अभ्यास को भारत की जवाबी कार्यवाही से जोड़ा जा रहा है। बीते दो दिनों में जिस प्रकार से देश के तमाम हिस्सों में पाकिस्तान को सबक सिखाने और आतंकी ठिकानों पर फिर से स्ट्राइक करने की बात कही गई है, उसमें दहशत टेरर लॉन्च पैड्स पर एयर स्ट्राइक करने को भी एक विकल्प कहा जा रहा है। वहीं इन मांगों के बीच एयर चीफ में भी कहा है कि वह पॉलिटिकल लीडरशिप द्वारा उन्हें दिए जाने वाली किसी भी जिम्मेदारी के लिए तैयार हैं।
-एजेंसियां

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