बैठक के बाद फारूक अब्‍दुल्‍ला ने कहा, राष्ट्र-विरोधी जमात नहीं ‘गुपकार’

नई दिल्‍ली। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा के आवास पर शनिवार को गुपकार घोषणा (पीपुल्स अलायंस फॉर डिक्लेरेशन) की बैठक शनिवार दोपहर में आयोजित हुई। इसमें जम्मू-कश्मीर के 6 राजनीतिक दल शामिल हुए।
बैठक में फारूक अब्दुल्ला को पीपुल्स अलायंस फॉर डिक्लेरेशन का अध्यक्ष और महबूबा मुफ्ती को उपाध्यक्ष घोषित किया गया है। वहीं, सजाद लोन को गठबंधन का प्रवक्ता बनाया गया है।
मीडिया को संबोधित करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि ‘यह एक राष्ट्र-विरोधी जमात नहीं है, हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों के अधिकारों को बहाल किया जाए।’ उन्होंने आगे कहा कि उन्हें धर्म के नाम पर विभाजित करने के प्रयास विफल हो जाएंगे और कहा कि ‘यह धार्मिक लड़ाई नहीं है।’
उधर मीडिया से बात करते हुए सज्‍जाद लोन ने घोषणा की कि तत्कालीन जम्मू-कश्मीर का झंडा गठबंधन का प्रतीक होगा और 17 नवंबर को श्रीनगर में एक सम्मेलन होगा, जिसके बाद दो सप्ताह के भीतर जम्मू में एक और बैठक होगी।
सज्जाद लोन ने कहा, एक महीने के भीतर एक दस्तावेज तैयार किया जाएगा जिसके माध्यम से हम उन झूठों के पीछे तथ्य प्रस्तुत करेंगे जो प्रचारित किए जा रहे हैं। यह जम्मू-कश्मीर के लोगों को श्रद्धांजलि होगी, जिनकी बदनामी हो रही है।
मुफ्ती के बयान से मचा है हड़कंप
जम्मू कश्मीर भाजपा ने शुक्रवार को पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के ‘देशद्रोही’ बयान के लिए उनकी गिरफ्तारी की मांग की थी। मुफ्ती ने कहा था कि वह तिरंगा झंडा तभी थामेंगी जब जम्मू कश्मीर को पूर्ववर्ती राज्य का झंडा वापस मिल जाएगा। भाजपा ने कहा कि ‘धरती की कोई ताकत’ वह झंडा फिर से नहीं फहरा सकती और अनुच्छेद 370 को वापस नहीं ला सकती। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रवींद्र रैना ने कहा, ‘मैं उप राज्यपाल मनोज सिन्हा से अनुरोध करता हूं कि वह महबूबा मुफ्ती के देशद्रोही बयान का संज्ञान लें और उन्हें सलाखों के पीछे डालें।’
-एजेंसियां

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