नोटबंदी के बाद जमा की गई बड़ी ब्‍लैकमनी का पता लगा, बैंकों ने खोला राज

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आज बताया कि उसे 13 बैंकों ने नोटबंदी के बाद विभिन्न बैंक खातों से गलत लेन-देन की बेहद महत्वपूर्ण जानकरियां दी हैं। कंपनी मामलों के मंत्रालय ने जानकारी दी कि उसे उन 2 लाख 9 हजार 32 संदिग्ध कंपनियों में से 5,800 कंपनियों के बैंक ट्रांजैक्शन की जानकारी मिल गई है जिनका रजिस्ट्रेशन कैंसल कर दिया गया है। बैंकों ने सरकार को इन कंपनियों के 13,140 अकाउंट्स की जानकारी मुहैया कराई है।
मंत्रालय ने कहा, ‘कुछ कंपनियों ने अपने नाम पर 100 से भी अधिक बैंक अकाउंट्स खुलवा रखे थे। इनमें एक कंपनी के नाम पर तो 2,134 अकाउंट्स पकड़े गए। वहीं, एक अन्य कंपनी के नाम पर 900 जबकि एक और कंपनी के नाम पर 300 अकाउंट्स मिले।’
सरकार ने बताया कि लोन अकाउंट्स को अलग करने के बाद नोटबंदी के दिन यानी 8 नवंबर 2016 तक इन कंपनियों के खातों में महज 22.05 करोड़ रुपये थे जो उस वक्त जमा किए गए थे। बाद में कुछ करोड़ रुपये निकाल लिए गए। सरकार ने कहा कि कंपनियों के नाम पर कई खाते पकड़े गए जिनमें 8 नवंबर 2016 को या तो बेहद कम रकम थी या खाते माइनस में चले गए थे।
गौरतलब है कि नोटबंदी के बाद फर्जी लेन-देन करने वाली कंपनियों पर मोदी सरकार ने शिकंजा कसा। इसके तहत, जीएसटी लागू होने से 48 घंटे पहले 1 लाख शेल कंपनियों पर ताला जड़ने की बात खुद पीएम मोदी ने कही थी। साथ ही इन कंपनियों के डायरेक्टरों पर भी फंदा कसा गया और उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया।
-एजेंसी