ऐडिलेड टेस्ट: मैच के दूसरे दिन भारत ने ऑस्ट्रेलिया पर पकड़ मजबूत बनाई

ऐडिलेड। ऐडिलेड टेस्ट मैच के दूसरे दिन भारत ने ऑस्ट्रेलिया पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने 7 विकेट के नुकसान पर 191 रन बना लिए हैं। वह भारत के स्कोर (250) से 59 रन पीछे है। ऑस्ट्रेलिया की ओर से ट्रेविस हेड ने सबसे ज्यादा नाबाद 61 रन बनाए। भारत के लिए रविचंद्रन अश्विन ने तीन और इशांत शर्मा व जसप्रीत बुमराह ने दो-दो विकेट लिए।
दूसरे दिन भारत की पारी पहले ही गेंद पर कल के स्कोर पर ही सिमट गई। जोश हेजलवुड ने मोहम्मद शमी को आउट कर भारतीय पारी का समापन किया। भारत की ओर से चेतेश्वर पुजारा ने 123 रनों की शानदार पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया की ओर से हेजलवुड ने तीन और मिशेल स्टार्क, पैट कमिंस व नाथन लायन ने दो-दो विकेट लिए।
ऑस्ट्रेलियाई पारी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। दिन के पहले ही ओवर में इशांत शर्मा ने आरोन फिंच को बोल्ड कर दिया। फिंच एक बड़ा शॉट खेलने गए लेकिन गेंद बल्ले और पेड के बीच से जगह बनाती हुई विकेटों से जा टकराई।
इसके बाद मार्कस हैरिस और उस्मान ख्वाजा ने ऑस्ट्रेलियाई पारी को संभालने का काम किया। ख्वाजा अपने अंदाज में खेल रहे थे और अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे हैरिस भी आकर्षक लग रहे थे। लग रहा था कि पहले ओवर में मिले झटके से ऑस्ट्रेलिया उबर चुका है। दोनों धीरे-धीरे अर्धशतकीय साझेदारी की ओर बढ़ रहे थे।
भारतीय गेंदबाजों को खेलने में बाएं हाथ की इस जोड़ी को कोई परेशानी नहीं हो रही थी। तभी अश्विन की एक गेंद हैरिस के बल्ले से लगकर पैड से टकराई और सिली पॉइंट पर खड़े मुरली विजय ने उनका आसान सा कैच लपका। वह 26 रन बनाकर आउट हुए। हालांकि अश्विन की यह गेंद कुछ खास नहीं थी लेकिन हैरिस लाइन-लेंथ को ठीक तरह परख नहीं पाए और गेंद उनके बल्ले के अंदरूनी किनारे से लगी।
इसके बाद अश्विन का अगला शिकार बने शॉन मार्श। स्मिथ और वॉर्नर की गैरमौजूदगी में मार्श टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज हैं। लेकिन जिस तरह का शॉट खेलकर वह आउट हुए उसे गैर-जिम्मेदाराना ही कहा जाएगा। लंच के बाद अश्विन ने ऑफ स्टंप के बाहर गेंद फेंकी। गेंद फुल थी और विकेटों से बहुत दूर। मार्श ने बड़ा ड्राइव खेलने का प्रयास किया। नतीजा गेंद बैट का अंदरूनी किनारा चूमते हुए लेग स्टंप से जा टकराई।
इसके बाद अश्विन का शिकार बने उस्मान ख्वाजा। ख्वाजा ने 125 गेंदों का सामना किया और 28 रन बनाए। यह अश्विन का सबसे बढ़िया विकेट रहा। सही स्थान पर पिच हुई गेंद टप्पा पड़ने के बाद बाहर की ओर निकली। ख्वाजा को इसे खेलना ही था। वह फंस चुके थे। गेंद बल्ले के दूर जाती रही लेकिन विकेटकीपर पंत के दस्तानों में जाने से पहले ख्वाजा के अंगूठे से लग गई। अंपायर कुमार धर्मसेना ने उन्हें नॉट आउट दिया। लेकिन विकेट के पीछे पंत काफी उत्साहित थे। भारतीय टीम ने डीआरएस लिया और तीसरे अंपायर ने ख्वाजा को आउट करार दिया। अश्विन ने ख्वाजा को 35 गेंदें फेंकी जिन पर सात रन बने।
उस्मान ख्वाजा, रविचंद्रन अश्विन के 179वें बाएं हाथ के शिकार रहे टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ मुरलीधरन ने उनसे ज्यादा (191) बाएं हाथ के बल्लेबाजों को आउट किया है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया में अश्विन का प्रदर्शन इससे पहले बहुत अच्छा नहीं रहा था। यहां उन्होंने सात टेस्ट मैच खेले थे, जिसमें उन्होंने सिर्फ 24 विकेट लिए थे। और तो ओर यहां उनका बोलिंग औसत 48.91 रहा जो उनके करियर (25.29) से काफी ज्यादा है।
अश्विन ने अपने करियर के 65 टेस्ट मैचों में 339 विकेट लिए हैं। इससे यही पता लगता है कि ऑस्ट्रेलियाई मैदान अश्विन को रास नहीं आते। लेकिन इस बार अश्विन नए इरादों के साथ उतरे थे। मैच से पहले चेतेश्वर पुजारा ने कहा था कि अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए अलग तैयारी की है। पुजारा ने कहा था कि अश्विन ने इस देश में अपने प्रदर्शन में सुधार करने के लिए काफी मेहनत की है और उम्मीद है कि वह इसमें सुधार करेंगे।
उस्मान ख्वाजा के आउट होने के बाद ट्रेविस हेड और पीटर हैंड्सकॉम्ब ने संकट में घिर चुकी ऑस्ट्रेलिया को यहां से पार लगाने की कोशिश की। दोनों ने अभी मिलकर 33 रन ही जोड़े थे कि जसप्रीत बुमराह ने दिन का अपना पहला शिकार कर लिया। बुमराह ने हैंड्सकॉम्ब (34) को विकेट कीपर ऋषभ पंत के हाथों कैच आउट कराया। यह कंगारू टीम का 5वां विकेट था।
ऑस्ट्रेलिया टीम का संकट बढ़ चुका था और अब क्रीज पर कप्तान टिम पेन आए थे। लेकिन विराट ने दूसरे छोर से बॉल इशांत शर्मा को सौंप दी। एरॉन फिंच को बोल्ड करने वाले इशांत ने कप्तान पेन को भी कोई मौका नहीं दिया और उन्हें पंत के हाथों कैच कराकर वापस पविलियन भेज दिया। इस तरह 127 के स्कोर पर ऑस्ट्रेलियाई टीम अपने छह विकेट गंवा चुकी थी।
पैट कमिंस (10) ने ट्रैविस हेड के साथ मिलकर 50 रन की साझेदारी तो कर ली। वह धीरज दिखाते हुए ट्रैविस हेड का अच्छा साथ निभाते दिख रहे थे। लेकिन बुमराह ने उन्हें LBW आउट कर दिन का दूसरा शिकार बना लिया। इसके बाद हेड ने अपनी फिफ्टी पूरी कर ऑस्ट्रेलियाई खेमे को थोड़ी राहत जरूर दी और मिशेल स्टार्क के साथ मिलकर दूसरे दिन उसे कोई और नुकसान नहीं होने दिया। दिन का खेल खत्म होने तक कंगारू टीम 191 रन जोड़ चुकी थी और वह अभी भी भारत के स्कोर से 59 रन पीछे थी।
ऑस्ट्रेलियाई टीम को अब हेड और स्टार्क की जोड़ी से उम्मीद होगी कि ये दोनों बल्लेबाज टीम के खाते में कुछ उपयोगी रन जोड़ दें। दोनों बल्लेबाज शनिवार को इरादा लेकर उतरेंगे कि वे अपनी टीम को भारत के 250 के स्कोर से पार निकल दें। वहीं टीम इंडिया नए दिन नई ऊर्जा के साथ मैदान में आकर ऑस्ट्रेलियाई पारी को जल्द से जल्द खत्म करना चाहेगी, ताकि वह पहली पारी के आधार पर मेजबान टीम पर कुछ बढ़त लेकर उस पर दबाव बढ़ा सके।
-एजेंसियां

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