श्रीलंका में निवेश की बड़ी संभावनाएं तलाश रहा है अडानी ग्रुप

अडानी ग्रुप अब श्रीलंका में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में बड़ी भूमिका निभाने की कोशिश में है। ग्रुप कोलंबो पोर्ट के वेस्टर्न कंटेनर टर्मिनल को तो विकसित कर ही रहा है, साथ ही दूसरी कई और इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनरशिप्स की संभावनाओं की तलाश भी करेगा। यह जानकारी अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने दी है।
अडानी अभी श्रीलंका में हैं और उन्होंने वहां के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और प्रधानमंत्री महिन्दा राजपक्षे से मुलाकात की। कहा जा रहा है कि अडानी निजी यात्रा पर श्रीलंका आए हैं लेकिन उनका समूह श्रीलंका में निवेश की बड़ी संभावनाओं की तलाश कर रहा है। अडानी के साथ 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी श्रीलंका गया है।
दो सप्ताह पहले किया है सौदा
दो हफ्ते पहले गौतम अडानी की कंपनी ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कोलंबो बंदरगाह के वेस्टर्न कंटेनर टर्मिनल को विकसित करने और चलाने के लिए सरकार के स्वामित्व वाली श्रीलंका पोर्ट्स अथॉरिटी (एसएलपीए) के साथ एक समझौता किया था। 70 करोड़ डॉलर का निर्माण-संचालन-हस्तांतरण (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर) सौदा श्रीलंका के बंदरगाह क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश है।
पवन ऊर्जा क्षेत्र में भी कर सकते हैं बड़ा निवेश
अडानी समूह श्रीलंका के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भी निवेश की संभावनाएं तलाश रहा है। श्रीलंका सरकार के सीलोन बिजली बोर्ड (सीईबी) के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि निवेश पवन ऊर्जा क्षेत्र में किया जा सकता है। सीईबी के उपाध्यक्ष नलिंदा इलंगाकून के मुताबिक, अडानी समूह ने सोमवार को श्रीलंका के पवन और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं तलाशीं। अडानी समूह के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को उत्तर पूर्वी जिले मन्नार का दौरा किया और वहां पवन ऊर्जा फार्म का निरीक्षण किया।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *