पीएम मोदी के लिए आई नई मर्सिडीज कार, हर हमला होगा विफल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को ध्‍यान में रखते हुए एसपीजी ने नई मर्सिडीज मेबैक एस 650 गार्ड कार को अपने बेड़े में शामिल किया है। आमतौर पर देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) नई कार के लिए रिक्वेस्ट देती है। SPG सुरक्षा जरूरतों का आंकलन करती है और यह तय करती है कि क्या जिस शख्स को वह सुरक्षा दे रही है उसे नए गाड़ी की जरूरत है। सुरक्षा प्रोटोकॉल के हिसाब से एसपीजी उसी मॉडल की कई गाड़ियों के लिए कहती है।
करीब 12 करोड़ कीमत वाली इस नई नवेली मर्सिडीज कार का पीएम मोदी ने इस्‍तेमाल करना भी शुरू कर दिया है। पीएम मोदी इस कार से रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन का स्‍वागत करने पहुंचे थे। अब तक पीएम मोदी वाराणसी से लेकर नई दिल्‍ली तक अत्‍याधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस रेंज रोवर वोग और टोयटा लैंड क्रूजर गाड़ी का इस्‍तेमाल करते थे। पीएम मोदी की इस नई कार को दुनिया की सबसे सुरक्षित कारों में गिना जाता है। इस कार पर AK-47 राइफल और 15 किलो टीएनटी का भी असर नहीं होता है। दुनिया के राष्‍ट्राध्‍यक्षों की बात करें तो अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन कार ‘बीस्‍ट’ अपने बेजोड़ सुरक्षा उपायों के लिए दुनिया में जानी जाती है। आइए जानते हैं कि पीएम मोदी और बाइडन की कार में क्‍या-क्‍या है खास…..
पीएम मोदी की कार की अभेद्य सुरक्षा, एके-47 भी बेकार
पीएम मोदी की नई कार मर्सिडीज-मेबैक एस650 गार्ड वीआर10 लेवल सुरक्षा से लैस है जो अपने आप में अभी सबसे ज्‍यादा है। इस मर्सडीज कार पर 2 मीटर की दूरी से अगर 15 किलो टीएनटी का विस्‍फोट किया जाए तो भी उसका असर नहीं होता है। इस हमले के बाद भी पीएम मोदी पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगे। इस कार के शीशे और बॉडी इतना मजबूत है कि उस पर एके-47 राइफल की गोलियों का भी असर नहीं होता है। पीएम मोदी की इस कार के शीशे में अंदर से पॉलीकॉर्बनेट की कोटिंग की गई है। अगर आतंकी गैस हमला करते हैं तो कार के अंदर अलग से हवा की सप्‍लाई शुरू की जा सकती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक मर्सिडीज-मेबैक ने पिछले साल भारत में 10.5 करोड़ की S600 गार्ड लॉन्च किया था और S650 की कीमत 12 करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो सकती है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाला स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप नई कार को काफी पहले ही शामिल करना चाहता था लेकिन कोरोना के कारण इसे टाल दिया गया था। एसपीजी ने इस कार की सुरक्षा जरूरतों की पहचान की है। एसपीजी ने दो कारें मंगाई हैं। सफर के दौरान पीएम मोदी एक कार से चलते हैं, और दूसरी कार का इस्‍तेमाल दुश्‍मन को चकमा देने के लिए किया जाता है।
तूफानी रफ्तार से दौड़ सकती है पीएम मोदी की मर्सडीज
पीएम मोदी की यह नई कार अत्‍याधुनिक सुरक्षा उपायों के बाद भी तूफानी रफ्तार से दौड़ सकती है। इसकी अधिकतम स्‍पीड 160 किमी प्रतिघंटा है। इस कार में खास टायर लगा है जो खराब होने या पंचर होने पर भी काम करता रहेगा और उसमें बैठा शख्‍स आसानी से दूसरी जगह पहुंच जाएगा। इस कार में 6 लीटर ट्विन-टर्बो वी12 इंजन लगा है जो इसे बेजोड़ ताकत देता है। कार में बेहद आरामदेह सीटें लगाई गई हैं जिससे पीएम मोदी बिना थके लंबी दूरी की यात्रा कर सकते हैं। सीटों को अडजस्‍ट भी किया जा सकता है।
अटैक हेलिकॉप्टर वाली टेक्निक
कार के टैंक को भी कुछ इस तरह से सुरक्षित किया गया है जिससे आपात स्थिति में वह छेद को अपने आप सील कर ले। इसे उसी सामग्री से बनाया गया है, जिसका इस्तेमाल बोइंग के अपाचे अटैक हेलिकॉप्टरों में होता है।
पीएम मोदी जब गुजरात के सीएम थे, उस समय वह महिंद्रा की बुलेटप्रूफ स्‍कॉर्पियो का इस्‍तेमाल करते थे। इसके बाद वह बीएमडब्‍ल्‍यू 7 सीरिज हाई सिक्‍योरिटी कार और उसके बाद लैंड रोवर रेंज रोवर कार से सफर करने लगे। पीएम मोदी को अक्‍सर वाराणसी की सड़कों पर लैंड रोवर के साथ घूमते हुए देखे गए हैं। हाल ही में राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद की भी कार को सुरक्षा कारणों से बदला गया था।
अमेरिकी राष्‍ट्रपति की कार बीस्‍ट चलता-फिरता ‘किला’
अमेरिकी राष्‍ट्रपति बाइडन आर्मर्ड लिमोजिन कार से चलते हैं जो अपने आप में चलते फिरते किले की तरह से है। बाइडन की कार ‘बीस्ट’ को Cadillac कंपनी ने बनाया है। यह एक आर्मर्ड लिमोजिन है। बीस्ट की खिड़कियां ग्लास और पॉलीकार्बोनेट की पांच लेयर से बनी हैं। इन पर गोलियों का कोई असर नहीं होता। कार में एक मात्र ड्राइवर की खिड़की खोली जा सकती है और वह भी सिर्फ 3-इंच तक। इस दमदार कार में पम्प-एक्शन शॉटगन्स, आंसू गैस कैनन्स और अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए ब्लड बैग्स हैं। कार के बूट (डिग्गी) में आंसू गैस, फायरफाइटिंग सिस्टम और स्मोक स्क्रीन डिस्पेंसर हैं। बीस्ट में ड्राइवर और राष्ट्रपति का कैबिन अलग-अलग है। ड्राइवर के कैबिन में एक प्रॉपर कम्युनिकेशन और जीपीएस ट्रैकिंग सेंटर है। इस कार के ड्राइवर को यूएस सीक्रेट सर्विस ने प्रशिक्षित किया है। ड्राइवर हर तरह की चुनौतीपूर्ण ड्राइविंग परिस्थितियों का सामना कर सकता है। उसे किसी भी आपात स्थिति में निकलने के लिए ट्रेनिंग दी गई है। वह 180-डिग्री टर्न पर भी परफॉर्म कर सकता है।
5 इंच मोटी है बीस्‍ट की बॉडी, लगे हैं ग्रेनेट लॉन्‍चर
बीस्ट कार की बॉडी 5-इंच मोटी है, जिसे स्टील, टाइटेनियम, ऐल्युमीनियम और सिरेमिक से बनाया गया है। कार के फ्रंट में आंसू गैस ग्रेनेड लॉन्चर और नाइट विजन कैमरे हैं। चेसिस पर बेहद मजबूत स्टील प्लेट्स दिए गए हैं, जिसके चलते कार पर बम और बारुदी सुरंगों का भी असर नहीं होगा। बीस्ट के टायर पंक्चर नहीं होते हैं। अगर टायर फट जाएं, तो भी इसका कुछ नहीं बिगड़ेगा और इस कार को चलाया जा सकेगा। बीस्ट के पीछे के कम्पार्टमेंट में अमेरिकी राष्ट्रपति के अलावा चार और लोग बैठ सकते हैं। कार के कैबिन को एक शीशे से दो हिस्सों में किया गया है, जिसे सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति यानी ट्रंप नीचे कर सकते हैं। आपात स्थिति के लिए कार में एक पैनिक बटन और ऑक्सीजन सप्लाई की भी व्यवस्था है। कार के दरवाजे आर्मर-प्लेटेड 8-इंच मोटे हैं। इनका वजन बोइंग 757 के कैबिन के दरवाजे के वजन के बराबर है। दरवाजे बंद करने के बाद यह कार 100 पर्सेंट सील हो जाती है और इसके बाद यह रासायनिक हथियारों से भी सुरक्षित हो जाती है। इस कार पर सीधी टक्कर का भी कोई असर नहीं होगा। बीस्ट में राष्ट्रपति की सीट के पास एक सेटेलाइट फोन है। यह फोन अमेरिका के उप-राष्ट्रपति और पेंटागन (अमेरिकी डिफेंस डिपार्टमेंट का हेडऑफिस) से डायरेक्ट लाइन से जुड़ा रहता है।
-एजेंसियां

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