Internet पर बच्चों की आपत्तिजनक फोटो की भरमार

Internet पर बच्चों की अश्लील फोटो और वीडियो को रोकने के लिए गूगल, फेसबुक जैसे कंपनियां लगातार काम कर रही हैं, गूगल, फेसबुक और ट्विटर जैसी टेक्नोलॉजी कंपनियों ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि पिछले साल यानी 2018 में साढ़े चार करोड़ ऐसे फोटो और वीडियो इंटरनेट पर आए हैं जो बच्चों से संबंधित हैं, जबकि 10 साल पहले यह संख्या 10 लाख से भी कम थी। बता दें कि 2008 में टेक कंपनियों और अमेरिकी सरकार के एक्टिव होने के बाद इस पर लगाम लगाने के लिए संसद ने कानून पास किया था।

Internet पर बच्चों की आपत्तिजनक फोटो की भरमार है, इंटरनेट पर लगातार बच्चों की अश्लील फोटो और वीडियो अपलोड हो रहे हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इंटरनेट पर तीन से चार साल के बच्चों से यौन दुर्व्यवहार और यातनाओं से संबंधित फोटो शेयर किए जा रहे हैं।

इंटरनेट पर बच्चों के यौन शोषण को रोकने को लेकर गंभीरता नहीं
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक तमाम टेक कंपनियां इंटरनेट पर बच्चों से संबंधित अश्लील फोटो-वीडियो पोस्ट को रोकने में नाकाम रही हैं। साथ ही अमेरिकी न्याय विभाग ने भी इस तरह के मामले में कार्रवाई के लिए किसी अधिकारी की नियुक्ति नहीं की है। हैरानी वाली बात यह है कि जिस ग्रुप को ऐसे फोटो पर निगरानी का काम सौंपा गया है उसके बाद जरूरी संसाधन ही नहीं है।

हर साल बढ़ रहे मामले
स्मार्टफोन, सोशल मीडिया और इंटरनेट के जमाने में चाइल्ड पोर्नोग्राफी काफी तेजी से बढ़ा है। गौर करने वाली बात यह है कि बच्चों की अश्लील फोटो फेसबुक, मैसेजर, ड्रॉपबॉक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर भी पोस्ट हो रहे हैं। हालांकि फेसबुक ने इसी साल मार्च में इन्हें एनक्रिप्ट करने की घोषणा की है। साल 2018 में केवल इंटरनेट पर बच्चों के अश्लील फोटो की भरमार, 2018 में देखे गए साढ़े चार करोड़ फोटोफेसबुक पर 20 लाख ऐसे मामले आए हैं। बता दें कि साल 1998 में बच्चों के यौन शोषण की तीन हजार से अधिक रिपोर्ट दर्ज की गई थीं जो दस साल बाद एक लाख पार गई। वहीं 2014 में यह संक्या 10 लाख पहुंच गई।

Tech Desk: Legend news

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