जयपुर के industrial tour पर गया छात्रों का दल

जयपुर के industrial tour पर श्रीराम रोलिंग मिल्स, ए.के.एस. बेयरिंग, बजरंग वायर कम्पनी के कामकाज से हुए रू-ब-रू

मथुरा। जनपद मथुरा के ख्यातिनाम संस्कृति विश्वविद्यालय के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों ने जयपुर की श्रीराम रोलिंग मिल्स, ए.के.एस. बेयरिंग और बजरंग वायर कम्पनी का औद्योगिक भ्रमण कर न केवल वहां के कामकाज को करीब से देखा बल्कि वहां निर्मित वस्तुओं के तकनीकी पहलुओं से भी रू-ब-रू हुए। छात्रों का यह दल विंसेंट बालू विभागाध्यक्ष मैकेनिकल इंजीनियरिंग के मार्गदर्शन में जयपुर के औद्योगिक भ्रमण पर गया था।

जयपुर की विभिन्न कम्पनियों का औद्योगिक भ्रमण कर लौटे छात्रों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि व्यावसायिक अध्ययन की दृष्टि से यह भ्रमण काफी उपयोगी रहा। हम लोगों ने तीनों ही कम्पनियों का भ्रमण कर वहां के तकनीकी विशेषज्ञों से बेयरिंग, वायर और अन्य वस्तुओं के निर्माण की जानकारी हासिल की। छात्रों ने बताया कि तकनीकी विशेषज्ञों से जो ज्ञान मिला है भविष्य में उसका उन्हें अवश्य लाभ मिलेगा। श्रीराम रोलिंग मिल्स प्राइवेट लिमिटेड के तकनीकी विशेषज्ञों ने छात्रों को बताया कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में उन्नत तकनीक का विशेष महत्व है लिहाजा उन्हें हर वस्तु के निर्माण की तकनीकी जानकारी होना आवश्यक है।

संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सचिन गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि व्यावसायिक कोर्सों के छात्र-छात्राओं के लिए इण्डस्ट्रियल विजिट का बहुत महत्व है। इसका उनके अध्ययन से भी गहरा सम्बन्ध है। इण्डस्ट्रियल विजिट से उन्हें व्यावसायिक और व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होता है। अतः हमारा प्रयास है कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों को अधिक से अधिक इण्डस्ट्रियल विजिट के मौके मिलें ताकि उन्हें भविष्य में रोजगार पाने में किसी तरह की कोई परेशानी न हो। श्री गुप्ता ने कहा कि इण्डस्ट्रियल विजिट से प्राप्त जानकारी से छात्र-छात्राओं को जाब प्लेसमेंट के साक्षात्कार में भी बहुत लाभ मिलेगा।

कुलपति डा. देवेन्द्र पाठक ने इण्डस्ट्रियल विजिट को जरूरी बताते हुए कहा कि पठन-पाठन के साथ ही यदि छात्र-छात्राओं को समय-समय पर व्यावहारिक ज्ञान भी मिलता रहे तो उन्हें अपने सपनों को साकार करने में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी।

डा. पाठक ने कहा कि छात्रों ने जयपुर के industrial tour में जो भी सीखा है, उसका उन्हें गहन अभ्यास भी करना चाहिए, तकनीकी क्षेत्र में आज तरह-तरह के परिवर्तन हो रहे हैं लिहाजा छात्र-छात्राओं को अद्यतन जानकारी अवश्य होनी चाहिए।