भारत-Bangladesh के बीच 7 करारों पर दस्तखत, 3 प्रोजेक्ट्स लॉन्च

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और Bangladesh की पीएम शेख हसीना के साथ शनिवार को मुलाकात के बाद भारत और Bangladesh के बीच कुल 7 करारों पर दस्तखत हुए। दोनों नेताओं ने Bangladesh से एलपीजी इंपोर्ट समेत 3 प्रोजेक्ट्स को लॉन्च किया। तीनों ही प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की गई। शेख हसीना के साथ जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि पिछले एक साल में उन्हें भारत और बांग्लादेश के 12 जॉइंट प्रोजेक्ट्स के उद्घाटन का मौका मिला।
जॉइंट प्रेस ब्रीफिंग में पीएम मोदी ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि आज मुझे भारत और बांग्लादेश के बीच 3 और द्विपक्षीय परियोजनाओं के उद्घाटन का मौका मिला। एक साल में हमने 12 जॉइंट प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया है।’
उन्होंने कहा कि आज की तीनों परियोजनाएं 3 अलग-अलग क्षेत्रों में हैं- एलपीजी इंपोर्ट, वोकेशनल ट्रेनिंग और सोशल फसिलटी। तीनों का मकसद एक है- हमारे नागरिकों का जीवन बेहतर बनाना।
बता दें कि ये तीनों प्रोजेक्ट हैं- बांग्लादेश से एलपीजी आयात, बांग्लादेश-इंडिया प्रोफेशनल डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट और ढाका में रामकृष्ण मिशन में विवेकानंद भवन।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘बांग्लादेश से बल्क एलपीजी सप्लाई दोनों देशों को फायदा पहुंचाएगी। एक प्रकार से विन-विन सिचुएशन। इससे बांग्लादेश में निर्यात, आमदनी और रोजगार भी बढ़ेगा। ट्रांसपोर्टेशन की दूरी 1500 किमी कम हो जाने से आर्थिक लाभ भी होगा और पर्यावरण को भी कम नुकसान होगा।’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘बांग्लादेश-इंडिया प्रोफेशनल स्किल डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट बांग्लादेश के औद्योगिक विकास के लिए कुशल मैनपावर और टैक्निशियन तैयार करेगा। ढाका के रामकृष्ण मिशन में विवेकानंद भवन का प्रोजेक्ट, जो दो महानुभावों के जीवन से प्रेरणा लेता है, हमारे समाजों और मूल्यों पर स्वामी रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद का अमिट प्रभाव रहा है। बांग्ला संस्कृतिक की उदारता और खुली भावना की तरह ही इस मिशन में भी सभी पंथों को मानने वालों के लिए स्थान है। विवेकानंद भवन में 100 से अधिक यूनिवर्सिटी छात्रों और रिसर्च स्कॉलर्स के रहने की व्यवस्था की गई है।’
बता दें कि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना गुरुवार को चार दिवसीय यात्रा पर दिल्ली पहुंची। बांग्लादेश और भारत में संसदीय चुनाव होने के बाद हसीना की यह पहली भारत यात्रा है।

एनआरसी और रोहिंग्या शरणार्थियों का मुद्दा भी उठा
रोहिंग्या शरणार्थियों के मुद्दे पर भारत ने बांग्लादेश से कहा है कि हमें उन्हें यह समझाना होगा कि वह लंबे समय तक किसी दूसरे देश में नहीं रह सकते। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ बातचीत में पीएम नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए यह बात कही।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक उन्होंने रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए बांग्लादेश की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि हमने भी रोहिंग्या शरणार्थियों की सामाजिक-आर्थिक मदद की है और भारत अब तक उन पर 120 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है।
पीएम मोदी ने कहा कि हमें मिलकर रोहिंग्या शरणार्थियों को समझाना होगा कि उनके हित में यही है कि वे म्यांमार वापस लौट जाएं। पीएम मोदी ने कहा कि लंबे समय तक वे दूसरे देश में ऐसी स्थितियों में नहीं रह सकते। इस दौरान शेख हसीना ने पीएम मोदी को बांग्लादेश की ओर से रोहिंग्या शरणार्थियों को वापसी के लिए राजी करने के प्रयासों के बारे में भी जानकारी दी।
सूत्रों के मुताबिक इस दौरान बांग्लादेश ने एनआरसी के मुद्दे को भी उठाया। इस पर भारत सरकार ने कहा है कि अब भी यह प्रक्रिया चल रही है और देखना होगा कि आगे क्या परिस्थितियां पैदा होती हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया, ‘एनआरसी को लेकर हमने यह बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ऐसा चल रहा है। इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। पहले प्रक्रिया को पूरा होने दीजिए।’
दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान कई समझौते भी हुए। इनमें से एक समझौता भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में बांग्लादेश से एलपीजी के आयात का भी है। इसके अलावा ढाका स्थित रामकृष्ण मिशन में विवेकानंद भवन का भी उद्घाटन किया गया।
-एजेंसियां

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