6 से 24% हुई कोरोना संक्रमण की रफ्तार, लापरवाही बनी घातक: स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय

नई दिल्ली। देश में कोरोना के बढ़ते मामलों और टीकाकरण की स्‍थिति को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि देश में कुल कोविड मामलों में से 92 फीसद मरीज रिकवर हो चुके हैं। 1.3 फीसद मौतें हुई हैं। लगभग 6 फीसद नए कोविड मामले हैं। महाराष्ट्र में साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट फरवरी में 6 फीसद हो गई थी। अब यह 24 फीसद हो गई है, जो चिंता का विषय है। सबसे अधिक कोरोना के मामले वाले जिलों में 7 महाराष्ट्र के हैं। देश के कुल मामलों में से लगभग 58 फीसद मामले महाराष्ट्र में आ रहे हैं। कोविड से मृत्यु के मामलों के लगभग 34 फीसद महाराष्ट्र में दर्ज किए जा रहे हैं। महाराष्ट्र में फरवरी के दूसरे सप्ताह में 3,000 दैनिक औसत मामलों की तुलना में औसत दैनिक नए मामले 44,000 से अधिक हो गए। औसत दैनिक मृत्यु भी 32 से 250 हो गई है।

जो लोग इन्फेक्टेड हैं या आइसोलेटेड हैं, वहां पर कड़ाई की जरूरत, अभी छत्तीसगढ़ सबसे ज्यादा चिंता का विषय है। छोटा राज्य होने के बावजूद कोरोना के कुल 6 प्रतिशत मामले छत्तीसगढ़ से आए हैं और मौतों का कुल 3 प्रतिशत छत्तीसगढ़ से है। कोरोना की दूसरी लहर की शुरूआत से ही छत्तीसगढ़ में न केवल इंफेक्शन ज्यादा आए हैं बल्कि मौतें भी ज्यादा हुई हैं! छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन होने वाली मौतों के आंकड़े 38 दर्ज की गई हैं, और औसत केस 4900 से अधिक दर्ज की गई है।

हमारा मकसद किसी राज्य पर उंगली उठाना नहीं है, ये एक मिलजुलकर काम करने की एक्सरसाइज है, जिसमें भारत सरकार राज्य सरकारों के साथ मिल कर काम कर रही है, इसलिए हम छत्तीसगढ़ का जिक्र कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के आस पास बड़ी आबादी वाले राज्यों में न केवल औसत केस कम हैं, साथ ही मौतें भी कम हुई हैं। अब आरटीपीसीआर टेस्ट बढ़ाने का अनुरोध राज्य सरकार से किया गया है।

देश भर में कोरोना के 3 प्रतिशत केस पंजाब से आ रहे हैं, देश में कोरोना से होने वाली कुल मौतों का 4 प्रतिशत आंकड़ा पंजाब से आ रहा हैं। एक्टिव केस और मौतों के आंकड़ों के मामले में दिल्ली और हरियाणा की स्थिति पंजाब से बहुत बेहतर है। पंजाब में आरटीपीसीआर का शेयर 76 प्रतिशत है जो काफी हद तक संतेषजनक है, लेकिन छत्तीसगढ़ में इसे सुधारने की जरूरत है। कर्नाटक में भी केस लगातार बढ़ रहे हैं, पहले 399 केस हुआ करते थे जो अब बढ़ कर 4376 हो गए हैं। मामलों में 4 गुना इज़ाफा परेशानी का सबब है। कर्नाटक में आरटीपीसीआर का शेयर 90 प्रतिशत होना काफी संतोषजनक है, और ये लगातार बढ़ाए जा रहे हैं। सोमवार को देश में वैक्सीन के 43 लाख डोज लगाए गए जिसके चलते हमने आज सुबह तक 8 करोड़ 31 लाख डोज लगाए हैं।
– एजेंसी

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