अगले साल 6% होगी वृद्धि दर, कर्ज लेने वालों को म‍िलेगा और लाभ: शक्तिकांत दास

नई दिल्ली। RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज शनिवार को कहा क‍ि आने वाले दिनों में रेपो रेट में कटौती का ज्यादा-से-ज्यादा लाभ कर्ज लेने वालों को मिल सकता है क्योंकि लोन का वितरण गति पकड़ सकती है।

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शनिवार को कहा कि अर्थव्यवस्था में ऋण लेने की प्रक्रिया गति पकड़ रही है। साथ ही उन्होंने नीतिगत दर में कटौती का लाभ नीचे तक पहुंचने की रफ्तार आने वाले दिनों में और सुधरने की उम्मीद भी जताई।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अर्थव्यवस्था की वृद्धि को लेकर चिंताएं हैं। साथ ही मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ा है जबकि औद्योगिक उत्पादन में नरमी देखी गई है। वह यहां रिजर्व बैंक के निदेशक मंडल की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। निदेशक मंडल की इस बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी मौजूद थीं।

दास ने कहा कि नीतिगत दर में कटौती का लाभ नीचे तक नहीं पहुंच रहा है, वह इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। उन्होंने कहा कि नीतिगत दर में कटौती का नीचे तक असर लगातार सुधर रहा है। इसके आगे और बेहतर होने की उम्मीद है।

दास ने कहा कि ऋण उठाव की गतिविधियों में गति आई है। हम उम्मीद करते हैं कि आने वाले महीनों में ऋण उठाव की वृद्धि दर बढ़ेगी। मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ने और वैश्विक बाजार की परिस्थितियों के कारण केंद्रीय बैंक ने इस महीने की शुरुआत में 2020 की अपनी पहली मौद्रिक समीक्षा नीति में नीतिगत दर में कोई बदलाव नहीं किया था। केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने छह फरवरी को अपनी समीक्षा के बाद रेपो दर को 5.15 प्रतिशत पर बरकरार रखा था। हालांकि बैंक ने अपने रुख को उदार बनाए रखने की घोषणा की थी जिसका मतलब वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए वह भविष्य में नीतिगत दर में कटौती कर सकता है।

रिजर्व बैंक ने फरवरी में लगातार दूसरी बार नीतिगत दर को अपरिवर्तित रखा था। इससे पहले दिसंबर में भी उसने नीतिगत दर में कोई बदलाव नहीं किया था जबकि दिसंबर से पहले की पांच मौद्रिक समीक्षाओं में केंद्रीय बैंक ने कुल 1.35 प्रतिशत की कटौती की थी।

शक्तिकांत दास ने कहा कि नीतिगत दर में कटौती का नीचे तक पहुंचने की रफ्तार आने वाले दिनों में और सुधरेगी। साथ ही अर्थव्यवस्था में ऋण उठाने की गतिविधियां भी बेहतर हुई है। हमने अगले वर्ष के लिए 6 फीसदी की वृद्धि दर का अनुमान लगाया है, जो आर्थिक सर्वेक्षण प्रक्षेपण के अनुरूप है।

ऋण को लेकर बैंकों की निगरानी की जा रही है- वित्त मंत्री
केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी केंद्रीय बैंक के निदेशक मंडल की बैठक को संबोधित किया। सीतारमण ने कहा कि कृषि क्षेत्र में ऋण प्रवाह को लेकर बैंकों की निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऋण सीमा का विस्तार किया गया है। हम उम्मीद करते हैं कि मांग बढ़ने और इसके साथ क्रेडिट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए यह सक्षम होगा। मैं विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों और ऋण सुविधा के उनके विस्तार की निगरानी कर रही हूं।
– एजेंसी

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *