गोवर्धन में पूरे होंगे 45 करोड़ के विकास कार्य, एनजीटी ने दिए दिशा निर्देश

नई द‍िल्ली। गिरिराज परिक्रमा संरक्षण संस्थान द्वारा दाखिल याचिका पर आज सुनवाई करते हुए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि गिरिराज परिक्रमा से जुड़े गैर जरूरी मामलों का निस्तारण शीघ्र किया जाना चाहिए तथा गिर्राज जी में हुए सभी कार्यों की प्रगति रिपोर्ट सरकार 4 हफ्ते के भीतर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित ओवर साइट कमेटी को दाखिल करें, जिसके उपरांत ओवर साइट कमेटी अपनी एक रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल करेगी जिसके आधार पर आगे की सुनवाई की जा सकेगी ।

गुलाब बाग का होगा सौंदर्यीकरण

उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से उपस्थित अधिवक्ता ने गोवर्धन में विकास कार्य हेतु स्वीकृति मांगने के लिए दाखिल प्रार्थना पत्र के बारे में जानकारी दी जिसमें उन्होंने बताया क‍ि गोवर्धन में स्थित कुसुम सरोवर के पीछे गुलाब बाग का सौंदर्यीकरण किया जाएगा तथा इसके अलावा भी कई अन्य जनहित के कार्य किए जाएंगे।

प्रसाद योजना के तहत होंगे सभी कार्य

मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा दाखिल इन सभी कार्यों की लागत लगभग 45 करोड़ होगी जिसमें कि पार्किंग, बस स्टैंड व गुलाब बाग के सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा।

याचिकाकर्ता बाबा आनंद गोपाल दास तथा सत्य प्रकाश मंगल की ओर से मौजूद अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी व राहुल शुक्ला ने प्रसाद योजना के तहत हो रहे सभी कार्य पर न्यायालय से मॉनिटरिंग करने की प्रार्थना की। साथ ही न्यायालय ने मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के अधिवक्ता से इस विकास कार्य को करने के लिए फॉरेस्ट से भी परमिशन लेने के लिए कहा गया ।

मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी 2021 को होना तय हुआ है जिसमें की अभी तक की सभी प्रगति आख्या को ओवर साइट कमेटी मॉनिटर कर न्यायालय के समक्ष यह जानकारी देगी कि अभी तक हुए सभी कार्य न्यायालय के दिशा निर्देशों के अनुरूप किए गए हैं । एन जी टी ने टूरिज्म के साथ साथ उत्तर प्रदेश सरकार के शहरी विकास के प्रमुख सचिव की भी ज़िम्मेदारी तय करने को कहा, जिससे क‍ि विकास के सभी कार्यों को गति मिल सके।

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