320 साल बाद इस मकर संक्रांति पर बन रहे 3 राजयोग

आज मकर संक्रांति है, इस मकर संक्रांति पर 3 राजयोग बन रहे हैं। इसके साथ ही कुछ ग्रह स्थिति ऐसी बन रही है जो 320 साल पहले बनी थी। बृहस्पति के कारण हंस योग, बुध और शुक्र से केंद्र-त्रिकोण राजयोग और सूर्य के आसपास शुभ ग्रहों के होने से उभयचरी राजयोग बन रहा है। 14 जनवरी की रात करीब ढाई बजे सूर्य का मकर राशि में प्रवेश हुआ है। इसलिए 15 जनवरी को मकर संक्रांति के पुण्यकाल में सुबह 7.25 से शाम 05.35 तक स्नान, दान और धार्मिक कार्य करना विशेष फलदायी रहेगा।

ग्रहों की शुभ स्थिति और फल

इस साल मकर संक्रांति पर सूर्य और बुध एक ही राशि में है। बृहस्पति और मंगल अपनी-अपनी राशियों में मौजूद हैं। वहीं चंद्रमा सिंह राशि यानी सूर्य की राशि में है। इनके साथ ही सूर्य का राशि परिवर्तन पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र और शोभन योग में हुआ है। ग्रहों की ऐसी स्थिति 3 सदी पहले 10 जनवरी 1700 को बनी थी।
इस साल मकर संक्रांति पर ग्रहों की शुभ स्थिति से 3 राजयोग भी बन रहे हैं। इनके शुभ प्रभाव से देश तरक्की करेगा और आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। अनाज और फलों का उत्पादन बढ़ेगा। विदेशों से धन लाभ होगा और देश की प्रशासनिक सेवाओं एवं सीमाओं से जुड़े बड़े फैसले होंगे। जिनका फायदा आने वाले समय में मिलेगा।
मकर संक्रांति का फल

पंचमी तिथि में सूर्य का मकर राशि में आना शुभ माना जाता है। इसके प्रभाव से देश में कृषि, प्रॉपर्टी और जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में तरक्की होगी। बुधवार होने से फसलों का उत्पादन अच्छा होगा, अनाज और सब्जियों के निर्यात से फायदा बढ़ेगा, फल एवं सब्जियों के दाम सालभर सामान्य रहेंगे। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में मकर संक्रान्ति होने से देश में जलाशय, सड़क निर्माण, रेलवे लाईन बिछाने जैसे महत्वपूर्ण काम होंगे। शोभन योग होने से देश की ख्याति दूर तक फैलेगी। इसके प्रभाव से विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ेगी। तैतिल करण में सूर्य की संक्रान्ति होने से राजकर्मचारियों एवं सैनिकों के लिए समय अच्छा रहेगा।
– एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *