किर्गिस्तान और तजाकिस्तान सीमा पर पानी को लेकर हुई झड़पों में 31 लोगों की मौत

मध्य एशियाई देश किर्गिस्तान और तजाकिस्तान सीमा पर पानी को लेकर हुई झड़पों में अब तक कम से कम 31 लोगों की मौत हो चुकी है और सैंकड़ों घायल हुए हैं. पानी को लेकर शुरू हुए इन झड़पों के बाद वहां से दस हज़ार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है.
यहां झड़पें बुधवार को उस वक्त शुरू हुईं जब दोनों तरफ से लोग एक दूसरे पर पत्थर फेंकने लगे. गुरुवार को दोनों पक्षों के बीच हो रही झड़पों ने हिंसक रुप ले लिया.
इससे पहले वहां मौजूद पानी के एक स्रोत के आसपास सर्विलांस कैमरे लगाए गए थे.
इसके बाद दोनों पक्ष पीछे हटने पर सहमत तो हुए लेकिन इसके बाद भी इस इलाक़े से बीच-बीच में गोलियां चलने की आवाज़ें सुनाई देती रहीं.
किर्गिस्तान की स्वास्थ्य मंत्री अलीज़ा सोल्टनबिकोवा ने टेलीविज़न पर प्रसारित एक संदेश में कहा है कि ये झड़पें गुरुवार को शुरू हुई और इनमें अब तक 31 लोगों की मौत हुई है जबकि 150 लोग घायल हुए हैं.
किर्गिस्तान सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों में मरने वालों में एक बच्ची भी शामिल है.
इन झड़पों में ताजिकिस्तान के कितने नागरिकों की मौत हुई है इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है.
सोशल मीडिया पर आ रही तस्वीरों में किर्गिस्तान के बाटकन विवादित इलाक़े के आसपास के कई घरों को जलते हुए देखा जा सकता है.
किर्गिस्तान इमर्जेन्सीज़ मिनिस्ट्री के अनुसार जिन जगहों को आग के हवाले किया गया है उनमें एक सीमा चौकी, 20 से अधिक घर, एक स्कूल, आठ दुकानें और एक कैसिनो शामिल है.
किर्गिस्तान के बाटकन प्रांत के गवर्नर ने कहा है कि दोनों देश इस बात पर सहमत हुए थे कि पानी के स्रोत के पास लगाए सर्विलांस कैमरों को हटाया जाएगा, लेकिन बाद में ताजिकिस्तान ने समझौता मानने से इनकार कर दिया था.
मिल रही रिपोर्टों के अनुसार शुरुआती झड़पें तेज़ होने के बाद सीमा सुरक्षाबल भी इसमें शामिल हो गए थे.
गुरुवार को दोनों पक्षों की सैन्य टुकड़ियों के बीच गोलीबारी भी हुई. हालांकि उसी दिन दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम की घोषणा कर दी गई जिसके अनुसार दोनों पक्षों के सैनिक स्थानीय समयानुसार शाम आठ बजे अपने-अपने ठिकानों पर लौट गए.
बाटकन प्रांत की पुलिस के एक प्रतिनिधि ने फ़ोन के ज़रिए समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि “ज़्यादा तो नहीं” लेकिन फिर भी रात भर दोनों तरफ से गोलीबारी हुई और “न केवल सैन्य टुकड़ियों ने बल्कि आम नागरिकों ने भी गोलियां चलाईं”.
शुक्रवार को ताजिकिस्तान के संचार मंत्रालय ने एक बयान जारी कर माना कि दोनों देशों के बीच सीमा पर युद्धविराम की घोषणा की गई है. लेकिन अब तक ताजिकिस्तान ने अपनी तरफ से किसी के हताहत होने की बात नहीं कही है.
हिंसक झड़पों के पीछे क्या है कारण?
किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान के बीच बीते कई वर्षों से तनाव की वजह पानी के कुछ स्रोत हैं जिन पर दोनों ही देश अपना दावा करते हैं.
केंद्रीय एशिया के दूसरे देशों की तरह ये दोनों देश बीते तीन दशकों से सीमा विवाद में उलझे हुए हैं.
उससे पहले सोवियत संघ के अलग-अलग जगहों के बीच लोग बिना रोक-टोक आवाजाही कर सकते थे लेकिन सोवियत संघ के विघटन के बाद देशों के बीच सीमाओं पर नाकेबंदी बढ़ने लगी और इस कारण तनाव भी बढ़ता गया.
ताजिकिस्तान और किर्गिस्तान के बीच सीमा पर छह सौ मील का एक तिहाई इलाक़ा विषेश रूप से विवादित रहा है. सीमा के दोनों तरफ रहने वाले समुदाय यहां की ज़मीन और पानी के स्रोत पर अपना अधिकार मानते हैं और इस कारण पहले भी हिंसक झड़पों में उलझ चुके हैं.
-BBC

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