कहीं आपका बड़ा बच्चा खुद को इनसिक्योर फील तो नहीं कर रहा

कई पैरेंट्स दूसरे बेबी को प्लान करते हुए अपने बड़े बच्चे को इग्नोर कर देते हैं। दरअसल, नए बेबी की तैयारी में वह इतना बिजी हो जाते हैं कि बड़े बच्चे के रिऐक्शन को समझ नहीं पाते हैं। इस सिचुएशन में आपका बड़ा बच्चा खुद को इनसिक्योर फील करने लगता है। ऐसे में पैरेंट्स के लिए जरूरी है कि वह बड़े को ना केवल समझें, बल्कि उसे उस नए माहौल के लिए तैयार भी करें।
बच्चे पर न पड़े नेगेटिव इफेक्ट
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में शाहिद कपूर की पत्नी मीरा राजपूत ने कहा, ‘जब आपके घर में दो बच्चे होते हैं तो आपको इस बात का ध्यान रखना पड़ता है कि बड़े बच्चे को ऐसा नहीं लगे कि छोटे बच्चे की वजह से उस पर कोई ध्यान ही नहीं दे रहा है। घर में नए बच्चे के आने के बाद सब कुछ बदल जाता है लेकिन उसका नकारात्मक प्रभाव बड़े बच्चे पर नहीं पड़ना चाहिए।’
मीरा के मुताबिक, ‘उनके पति शाहिद कपूर इस बात का पूरा ख्याल रखेंगे कि दूसरे बच्चे जैन की वजह से बड़ी बेटी मीशा को ऐसा नहीं लगना चाहिए कि उसे इग्नोर किया जा रहा है।’
बेबी के बारे में बताएं
चाइल्ड स्पेशलिस्ट परवीण गुप्ता कहते हैं, ‘बड़े बच्चे को घर में आने वाले नए बेबी के बारे में बताना शुरू कर दें। उसे समझाएं कि उसकी कैसे केयर करनी है सभी को। इसके अलावा, उसकी अपनी बहन या भाई प्रति क्या जिम्मेदारी हैं, यह भी बताएं।’
दरअसल, बड़े बच्चे को यह फील करवाना बहुत जरूरी है कि उसका घर में कितना अहम रोल है। आने वाले बच्चे के लिए जो भी प्लान करें, बड़े बच्चे को कॉन्फिडेंस में लेकर करें।
अपना काम खुद करने की आदत
अब तक आप अपने बड़े बच्चे के सारे काम खुद करते आए हैं, लेकिन नए बच्चे के आने से यह पॉसिबल नहीं होगा। ऐसे में आप धीरे-धीरे उसे अपने काम करने की आदत डलवाएं जैसे, कपड़े पहनना, नहाना, खाना वगैरह। अगर आप कुछ महीनों पहले से ही यह शुरू कर देंगे तो आगे होने वाले बदलाव उसे अटपटे नहीं लगेंगे।
भाई चाहिए या बहन
चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. अजय कहते हैं, ‘बड़े बच्चे से पहले से कभी यह न पूछें कि उसे भाई चाहिए या बहन। क्योंकि बच्चों का मन बहुत चंचल होता है। अगर वह पहले से ही सोच लेंगे कि उन्हें क्या चाहिए और बाद में उसकी इच्छा के मुताबिक न होने पर वह चिढ़ सकता है।’ अगर बच्चे पहले ही यह सोच लेते हैं कि उन्हें बहन चाहिए और बाद में भाई हो जाता है तो वह इसे एक्सेप्ट नहीं कर पाते हैं और नए बेबी के साथ एडजस्ट करने से कतराने लगते हैं।
बचें भेदभाव से
डॉ. परवीण कहते हैं कि दोनों बच्चों में भेदभाव ना करें। अगर आप एक को ज्यादा और दूसरे को कम प्यार करते हैं तो लॉन्ग टर्म में भी दूसरे बच्चे के साथ आपका रिलेशन नॉर्मल नहीं बन पाता है और बड़े बच्चे का मन अपने छोटे भाई-बहन को कभी एक्सेप्ट नहीं कर पाता है। इसके अलावा, आप दोनों बच्चों को कंपेयर ना करें। जहां तक संभव हो दोनों ही बच्चों को हर बात प्यार से समझाएं।
बड़े बच्चे को न डांटे
घर में छोटे बच्चे के आने के बाद अक्सर पैरंट्स बड़े बच्चे को डांटते हुए कहते हैं कि बड़ा हो गया है लेकिन हरकतें बच्चों की तरह है। जो बच्चा घर में कुछ समय पहले छोटा था और घर के सभी लोगों का प्यार मिलता था, अचानक परिवार के लोग उससे उम्मीदें करने लगते हैं। इस स्थिति में खुद बड़ा बच्चा भी हुए इस बदलाव को समझ नहीं पाता है। आप कोशिश करें कि आप बड़े बच्चे को बिल्कुल भी ना डांटे।
-एजेंसियां

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