युवा पीढ़ी Swami Vivekananda के आदर्शों को अपनाएः डा. कमल कौशिक

Swami Vivekananda जयंती पर संस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने रक्तदान कर मनाया राष्ट्रीय युवा दिवस

मथुरा। शुक्रवार को संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाए का संदेश देने वाले युवाओं के प्रेरणास्रोत, समाज सुधारक, युग पुरुष Swami Vivekananda की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने रक्तदान कर उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कृष्णा कालेज गोकुल, मथुरा के प्राचार्य डा. कमल कौशिक ने कहा कि किसी भी देश के युवा उसका भविष्य होते हैं। उन्हीं के हाथों में देश की उन्नति की बागडोर होती है। आज भारत युवाओं का देश है, ऐसे में हमारी युवा पीढ़ी को स्वामी जी के बताए रास्ते पर चल कर देश के विकास का संकल्प लेना चाहिए। डा. कौशिक ने कहा कि विवेकानंद जी के विचारों में वह क्रांति और तेज है जो सारे युवाओं को नई चेतना से भर दे। उनके दिलों को भेद दे। उनमें नई ऊर्जा और सकारात्कमता का संचार कर दे। आज भारत की युवा पीढ़ी अंगड़ाई ले रही है और भारत विश्व में सर्वाधिक युवा जनसंख्या वाला देश है। इसी युवा शक्ति में भारत की ऊर्जा अंतर्निहित है। स्वामी विवेकानंद जी अब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन वह युवाओं के प्रेरणास्रोत बनकर आज भी जिन्दा हैं। डा. कौशिक ने कहा कि संस्कृति विश्वविद्यालय भारतीय संस्कृति का परिचायक है, यही वजह है कि यहां के छात्र-छात्राओं को प्राध्यापकों द्वारा संस्कारपरक शिक्षा दी जाती है। डा. कौशिक ने स्वामी विवेकानंद की जयंती पर रक्तदान को सराहनीय प्रयास बताया।

इस अवसर पर कुलपति डा. देवेन्द्र पाठक ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने न केवल हिन्दू धर्म को अपना गौरव लौटाया अपितु विश्व फलक पर भारतीय संस्कृति व सभ्यता का परचम भी लहराया। नरेन्द्र दास से स्वामी विवेकानंद बनने का सफर उनके हृदय में उठते सृष्टि व ईश्वर को लेकर सवाल व अपार जिज्ञासाओं का ही साझा परिणाम था।

डा. पाठक ने स्वामी जी के शिकागो में दिए गए भाषणों की महत्ता पर भी प्रकाश डाला। डा. पाठक ने राष्ट्रीय युवा दिवस पर रक्तदान करने वाले छात्र-छात्राओं की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि रक्तदान महादान है, आपका यह रक्त निःसंदेह किसी का जीवन बचाएगा। गौरतलब है कि शुक्रवार की सुबह रोटरी नोएडा ब्लड बैंक के डा. सुशील, टेक्नीशियन संजीत कुमार और तुलसी यादव की देख-रेख में 103 छात्र-छात्राओं के साथ ही कुछ प्राध्यापकों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया।

कार्यक्रम के अंत में डा. कमल कौशिक, मुकेश कुमार तथा मुकेश द्विवेदी को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।

इस अवसर पर ओ.एस.डी. मीनाक्षी शर्मा, एसोसिएट डीन एकेडमिक डा. संजीव कुमार सिंह, डा. अरविन्द राजपुरोहित, निदेशक इंजीनियरिंग डा. राकेश धीमान, डीन मैनेजमेंट प्रो. कल्यान कुमार, प्राचार्य शिक्षा संकाय डा. जया द्विवेदी, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डा. धर्मेन्द्र दुबे, दिलीप सिंह, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अवनीश कुमार, आर.के. मालवीय, डा. रीना रानी, लाइब्रेरियन रूप किशोर शर्मा, पंकज सारस्वत आदि उपस्थित थे।