योगी सरकार ने कुंभ मेले में स्वच्छता को लेकर बड़ी कार्ययोजना बनाई

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल 2019 के शुरुआत में कुंभ मेले का आयोजन होने जा रहा है। ये मेला 15 जनवरी से चार मार्च चलेगा जिसमें देश एवं दुनिया की प्रमुख विभूतियां दर्शन और स्नान के लिए यहां आएंगी। कुंभ मेले के आयोजन को लेकर यूपी सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। कुंभ मेले में स्वच्छता को लेकर बड़ी कार्ययोजना बनाई है।
पूरे मेला क्षेत्र को खुले में शौचमुक्त व कूड़े के प्रबंधन के साथ तीर्थयात्रियों के लिए बड़ी व्यवस्था के लिए 122500 शौचालयों का निर्माण होगा। इनमें 47500 शौचालय नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा और 75000 शौचालय राज्य सरकार बनाएगी। नमामि गंगे योजना के तहत ये शौचालय सेप्टिक टैंक युक्त होंगे। शर्मा ने बताया कि मेले की स्वच्छता के लिए 292.85 करोड़ रुपये की कार्ययोजना बनाई गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रत्येक नगर निकाय में एक आकर्षक पथ विकसित किया जाए और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर उसका नामकरण ‘अटल गौरव पथ’ किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पथ इस तरह विकसित किए जाएं कि उन पर प्रत्येक नगरवासी को गौरव की अनुभूति हो। इस पथ के सौन्दर्यीकरण के साथ ही सभी आवश्यक और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करायी जानी चाहिए। नगर निकायों में साफ-सफाई के साथ खुले नालों को ढकने की व्यवस्था की जाए।
योगी यहां शास्त्री भवन में ‘नमामि गंगे’ परियोजना, ‘अमृत’ योजना और ‘स्मार्ट सिटी मिशन’ परियोजनाओं के तहत होने वाले कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रयाग कुम्भ-2019 के दौरान 15 जनवरी से चार मार्च तक देश एवं दुनिया की प्रमुख विभूतियां दर्शन और स्नान के लिए यहां आएंगी। उन्होंने कहा कि कुंभ में ना सिर्फ श्रद्धालु, बल्कि बड़ी संख्या में पर्यटक भी आएंगे। इस दौरान संगम क्षेत्र में साफ-सफाई और अन्य व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति में कुंभ पर्व के प्रति सहज श्रद्धा उत्पन्न हो जाए।
प्रयाग कुम्भ-2019 की तैयारियों में इन बातों का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। योगी ने कहा कि प्रयाग कुंभ के मद्देनजर यह सुनिश्चित किया जाए कि 15 दिसम्बर, 2018 के बाद कोई भी गंदा नाला और औद्योगिक तरल या ठोस कचरा किसी भी सूरत में गंगा और उसकी सहायक नदियों में ना गिरे। अगले साल 15 जनवरी से बिजनौर से लेकर बलिया तक गंगा को हर हाल में अविरल एवं निर्मल रखा जाना है। नगर विकास एवं सिंचाई विभाग पहले से ही बैठक कर इस बात को सुनिश्चित कर लें कि कुम्भ के दौरान गंगा में पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध रहे और प्रवाह भी अच्छा हो।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *