राम मंदिर पर योगी ने कहा, देश में शांति और सौहार्द के लिए संतों को धैर्य रखने की जरूरत

मंदिर निर्माण में देरी को लेकर संतों की नाराजगी के सवाल पर उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा, ‘संतों का हम सम्मान करते हैं। यह संक्रमण काल का एक ऐसा दौर है, जब संतों को धैर्य रखने की जरूरत है जिससे देश में शांति और सौहार्द बना रहे।’
योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने की किसी भी संभावना से साफ इंकार किया है। उन्होंने कहा है कि न्यायिक प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा। अध्यादेश लाने का कोई सवाल ही नहीं है। हालांकि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से जल्द इस मामले को सुलझाने की अपील की।
सीएम योगी ने आज कहा, ‘हम संवैधानिक बाध्यताओं से बंधे हैं। सुप्रीम कोर्ट यथाशीघ्र इस मामले का समाधान करे। न्याय मिलने में देरी होती है तो लोगों में इससे निराशा होती है।’ उन्होंने कहा, ‘मामला शीर्ष अदालत में है लेकिन देश की शांति और सौहार्द के लिए और व्यापक आस्था का सम्मान करने के लिए जो भी विकल्प हैं उन पर विचार करना चाहिए।’
गौरतलब है कि सीएम योगी ने जहां एक ओर राम मंदिर पर अध्यादेश लाने की संभावनाओं को खारिज किया, वहीं दूसरी ओर ‘अन्य विकल्पों’ का भी जिक्र किया है।
उन्होंने कहा, ‘हम चाहते हैं कि इस मामले का हल सर्वसम्मति से हो अन्यथा हमारे पास और विकल्प भी मौजूद हैं।’
विश्व हिंदू परिषद ने उठाई कानून बनाने की मांग
बता दें कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हिंदूवादी संगठन विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने अयोध्या में राम मंदिर को बनाने के लिए कानून लाए जाने की मांग को फिर से दोहराया। संगठन ने जोर देकर कहा कि आगामी शीत सत्र के दौरान सरकार को अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए अध्यादेश लाने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। वीएचपी के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा, ‘हमारी योजना सभी पार्टियों के सांसदों के पास जाकर यह समझाना है कि उन्हें चुनने वाले मतदाता अयोध्या में राम मंदिर देखना चाहते हैं। आज के राजनीतिक माहौल को देखते हुए शायद ही कोई ऐसी पार्टी होगी जो इससे सहमत नहीं होगी। साथ ही हम यह सरकार के विवेक पर छोड़ते हैं कि वह राम मंदिर निर्माण के लिए कैसे शीत सत्र के दौरान कानून लाती है।’
उल्‍लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या में विवादित जमीन के मामले की सुनवाई को जनवरी तक टालने के बाद राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है।
-एजेंसियां

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