यूपी में योगी कैबिनेट का विस्तार कल, पांच मंत्रियों की छुट्टी तय

लखनऊ। पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता अरुण जेटली की तबीयत खराब होने के चलते टला योगी सरकार का कैबिनेट विस्तार अब बुधवार को हो सकता है। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। अब बुधवार को सारे मंत्रियों को लखनऊ बुलाया गया है।
अभी योगी सरकार में 20 कैबिनेट मंत्री, 9 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 13 राज्यमंत्री हैं। संभावित विस्तार के बाद कुछ स्वतं‌त्र प्रभार वाले मंत्रियों को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है तो कुछ को हटाया जा सकता है।
योगी मंत्रिमंडल में इस समय 18 पद खाली हैं। 4 पद कैबिनेट मंत्रियों के इस्तीफे के चलते खाली हैं। परिवहन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार स्वतंत्रदेव सिंह के रविवार को इस्तीफा देने के बाद उनके विभाग के खाली होने की भी औपचारिक घोषणा भर होनी है। पिछले सप्ताह की गतिविधियों के बाद सोमवार को मंत्रिमंडल विस्तार तय माना जा रहा था, लेकिन अचानक सीएम योगी अरुण जेटली को देखने दिल्ली रवाना हो गए और रविवार देर रात इस कवायद पर विराम लग गया था।
पांच मंत्रियों की छुट्टी मानी जा रही तय
जिनके मंत्रिपद छिनने की सबसे ज्यादा चर्चा है, उसमें दो कैबिनेट मंत्री, दो स्वतंत्र प्रभार और एक राज्य मंत्री हैं। इसमें एक कैबिनेट मंत्री की छुट्टी की चर्चाओं के पीछे उम्र का हवाला दिया जा रहा है। वहीं, बाकी चेहरों को हटाए जाने के पीछे उनके परफॉर्मेंस व उनसे जुड़े विवाद को वजह बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार अहम विभाग संभालने वाले स्वतंत्र प्रभार के एक मंत्री को हटाए जाने या कद भी घटाया जा सकता है।
अमित शाह के साथ हुई थी चर्चा
चर्चा है कि योगी सरकार के मंत्रियों को लखनऊ में रुकने को कहा गया है। बता दें कि शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम योगी आदित्यनाथ और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को दिल्ली बुलाया था। देर शाम अमित शाह के साथ दोनों नेताओं की बैठक हुई। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर नामों पर चर्चा हुई। सीएम योगी आदित्यनाथ को विस्तार के लिए दिन तय करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद हटेंगे कई मंत्री!
इनमें लोकसभा चुनाव हार चुके एक मंत्री का नाम भी शामिल है। उन पर आरोप है कि वह खुद चुनाव ढंग से नहीं लड़े। कुछ विभागों में भ्रष्टाचार की शिकायतें सीधे सीएम को मिली थीं। कुछ विभागों में तबादलों में भी लेन-देन की शिकायतें रोज सीएम दफ्तर तक पहुंच रही थीं। इसके बाद सीएम ने कुछ विभागों के तबादलों पर रोक भी लगा दी थी। सूत्रों का कहना है कि इनमें से कुछ विभागों के मंत्री हट सकते हैं और कुछ के विभाग बदले जा सकते हैं। पहले यह माना जा रहा था कि मंत्रिमंडल विस्तार मिलते-जुलते विभागों के एकीकरण के बाद किया जाएगा, पर वह प्रक्रिया अभी पूरी ही नहीं हुई है। इस वजह से मौजूदा विभागों के स्वरूप में ही मंत्रियों के विभाग बदले जाएंगे।
कई नए चेहरे होंगे शामिल
मंत्रिमंडल विस्तार में 8-12 नए चेहरों को जगह मिल सकती है। 19 मार्च, 2017 को जब मंत्रियों ने शपथ ली थी, उस वक्त सीएम योगी आदित्यनाथ के अलावा 24 कैबिनेट मंत्री, 9 स्वतंत्र प्रभार और 13 राज्यमंत्री भी शामिल थे। कुल 46 मंत्रियों ने शपथ ली थी, जबकि मंत्रियों की संख्या 60 तक हो सकती है। इनमें तीन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, एसपी सिंह बघेल और सत्यदेव पचौरी ने लोकसभा चुनाव जीतने के बाद इस्तीफा दे दिया था।
-एजेंसियां

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