योगी और चार मंत्रियों ने विधान परिषद सदस्यता के लिये किया nomination

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा उनके मंत्रिमंडल के चार अन्य सदस्यों ने राज्य विधान परिषद की सदस्यता के लिये आज nomination किया । योगी के साथ ही दोनों उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य और डा0 दिनेश शर्मा, परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वतंत्र देव सिंह तथा अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने भी नामांकन पत्र दाखिल किया।

मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्रियों और दोनों मंत्रियों को आगामी 19 सितम्बर से पहले विधानमंडल के दोनों सदनों में से किसी एक का सदस्य बनना जरुरी है।

विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सदस्यों की संख्या के अनुसार विधान परिषद के उपचुनाव में इनका चुना जाना तय है। उपचुनाव के लिए अन्य किसी दल के सदस्य ने nomination पत्र नहीं भरा है।

नाम वापसी की अन्तिम तिथि आठ सितम्बर है। सम्भवत: उसी दिन पांचों सदस्यों के निविर्रोध चुने जाने की घोषणा की जाएगी।

यह सीटें समाजवादी पार्टी के बुक्कल नवाब, यशवंत सिंह, सरोजनी अग्रवाल और डा0 अशोक बाजपेयी तथा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के ठाकुर जयवीर सिंह के विधान परिषद से इस्तीफे की वजह से खाली हुई हैं। यह पांचों ही भाजपा में शामिल हो गए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यशवंत सिंह द्वारा खाली की गई सीट पर जबकि उपमुख्यमंत्री डा0 दिनेश शर्मा ने अशोक बाजपेई, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुक्कल नवाब, स्वतंत्र देव सिंह ने डा0 सरोजनी अग्रवाल तथा मोहसिन रजा ने ठाकुर जयवीर सिंह द्वारा खाली सीट पर नामांकन पत्र दाखिल किया है।

विधानसभा के प्रमुख सचिव और चुनाव के पीठासीन अधिकारी प्रदीप दुबे ने बताया कि इस चुनाव में विधानसभा के सदस्य मतदाता होते हैं। एक उम्मीदवार को जीतने के लिए कम से कम 28 मतों की आवश्यकता होगी।

विधानसभा में भाजपा के 312 और उनके समर्थक दलों अपना दल के नौ और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के चार विधायक हैं। इस तरह भाजपा और उसके गठबंधन में शामिल विधायकों की संख्या 325 है इसलिए nomination के बाद   सभी उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है।
-एजेंसी