जीवन जीने की कला है Yoga: अश्वनी कुमार

संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने लिया Yoga करने का संकल्प
मथुरा। जिन्दगी को स्वस्थ तथा ऊर्जावान बनाये रखने के लिये हमें प्रतिदिन Yoga क्रिया को कुछ समय देना बेहद जरूरी है। योग से हम अपने दिमाग को कूल तथा बॉडी को फिट रख सकते हैं। योग से जीवन की गति को एक संगीतमय रफ्तार मिलती है। योग धर्म, आस्था और अंधविश्वास से परे एक सीधा विज्ञान है। इसमें जीवन जीने की कला समाहित है। योग क्रिया से हम शारीरिक, मानसिक और आत्मिक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं। योग से आत्मिक संतुष्टि, शांति और ऊर्जावान चेतना की अनुभूति होती है जिससे हमारा जीवन तनावमुक्त तथा हर दिन सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ता है उक्त उद्गार 23 सितम्बर, शनिवार को संस्कृति विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रो. स्कूल आफ मेडिकल एण्ड एलाइड साइंस अश्वनी कुमार सिंह ने छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। योग क्रिया का शुभारम्भ गायत्री मंत्र के सस्वर पाठ से हुआ।
श्री सिंह ने कहा कि इस भौतिकवादी, क्लेशमय जीवन में योग की सबसे अधिक आवश्यकता है। हम यम-नियमों का पालन कर अपने जीवन और चरित्र में अकल्पनीय परिवर्तन ला सकते हैं। योग न केवल शारीरिक क्रियाओं को सही करता है वरन आध्यात्मिक विकास में भी सहायक होता है, जिसके चलते हम किसी भी बात पर अपना ध्यान केन्द्रित करना सीख जाते हैं। जीवन में सफलता के लिये तन, मन और आत्मा का स्वस्थ होना अति आवश्यक है। यदि हम योग को अपने जीवन का हिस्सा बना लें तो कोई भी बाधा हमें सफलता से नहीं रोक सकती।
योग गुरु ने बताया कि योग संदेह नहीं विश्वास करना सिखाता है। योग एक पूर्ण चिकित्सा पद्धति है। आज के प्रदूषित वातावरण में योग ही एक ऐसी औषधि है जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। योग में ऐसे आसन हैं जिनको जीवन में अपनाने से कई बीमारियां स्वतः समाप्त हो जाती हैं और खतरनाक बीमारियों का असर भी कम हो जाता है। 24 घंटे में कुछ मिनट हम योग क्रिया को देकर हमेशा के लिए निरोगी रह सकते हैं। योग से हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का भी विकास होता है।

Yoga पर विस्तार से जानकारी देने के बाद श्री सिंह ने लगभग एक सैकड़ा छात्र-छात्राओं सहित संस्कृति विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों प्रो. अरविन्द राजपुरोहित, डा. धर्मेन्द्र दुबे आदि को लगभग 90 मिनट सूक्ष्म व्यायाम, सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और ध्यान आदि का अभ्यास कराया।

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने प्रतिदिन Yoga करने का संकल्प लिया।