हां…INS विराट को लेकर ससुरालियों और बच्‍चन परिवार के साथ पिकनिक मनाने गए थे राजीव गांधी

नई दिल्‍ली। तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी अपने परिवार, रिश्तेदारों और पारिवारिक मित्रों के साथ 1987 के अंत में नए साल का स्वागत करने लक्षद्वीप के नजदीक एक बेहद खूबसूरत द्वीप पर छुट्टियां मनाने गए थे। इसे मीडिया से छिपाने की हर मुमकिन कोशिश की गई थी लेकिन इसकी भनक मीडिया को लग गई थी।
‘इंडिया टुडे’ ने 31 जनवरी 1988 को गांधी परिवार की उस छुट्टी का पूरा विवरण भी छापा था। बाद में नवंबर 2013 में भी इंडिया टुडे ने तस्वीरों के साथ सिलसिलेवार ढंग से गांधी परिवार के उस ‘पिकनिक’ के बारे में बताया था।’
लक्षद्वीप के पास बंगाराम द्वीप पर मनाई थी छुट्टियां
इस रिपोर्ट के मुताबिक तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी 1987 में अपने पूरे परिवार, ससुराल पक्ष के कुछ लोगों और खास दोस्तों के साथ लक्षद्वीप के पास बंगाराम नाम के एक खूबसूरत द्वीप पर नए साल का जश्न मनाने के लिए पहुंचे थे। वे वहां 10 दिनों तक रहे थे।
बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में राजीव गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग आज कह रहे हैं कि सेना किसी की जागीर नहीं है, उसी परिवार के लोग नौसेना के वॉरशिप INS विराट को लेकर छुट्टियां मनाने गए थे और नौसेना के इस युद्धपोत का इस्तेमाल निजी टैक्सी की तरह किया था।
मोदी ने बताया कि ‘यह बात तब की है, जब राजीव गांधी भारत के पीएम थे और 10 दिन की छुट्टियां मनाने निकले थे। उनके पूरे कुनबे को लेकर INS विराट खास द्वीप पर 10 दिन तक रुका रहा। राजीव गांधी के साथ छुट्टी मनाने वालों में उनके ससुराल वाले भी थे।
क्या विदेशी लोगों को वॉरशिप पर ले जाकर देश की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं किया था?’
पीएम ने कहा कि नेवी के जवानों और हेलिकॉप्टर को भी गांधी परिवार और राजीव गांधी के ससुराल वालों की सेवा में लगाया गया था।
प्रधानमंत्री ने रैली में उस द्वीप का नाम नहीं लिया था जहां राजीव गांधी अपने परिवार, ससुराल वालों और पारिवारिक मित्रों के साथ छुट्टी मनाने गए थे लेकिन बाद में उन्होंने इंडिया टुडे पत्रिका की छह साल पुरानी एक रिपोर्ट को ट्वीट किया जिसमें इस पूरे मामले का विस्तार से जिक्र है।
गांधी परिवार के साथ और कौन-कौन गया था?
इस दौरान राजीव गांधी, सोनिया गांधी, दोनों के बच्चे- राहुल और प्रियंका व उनके 4 दोस्त, राजीव गांधी की साली और उनके साढ़ू, राजीव की सास आर माइनो के अलावा सोनिया के भाई और मामा साथ में थे। इसके अलावा राजीव गांधी के खास दोस्त अमिताभ बच्चन, उनकी पत्नी जया बच्चन और बच्चन परिवार के 3 बच्चे शामिल थे। तीनों बच्चों में अमिताभ के दोनों बच्चों के अलावा उनके भाई अजिताभ की बेटी भी शामिल थीं। उस वक्त अजिताभ FERA के उल्लंघन के मामले में फंसे थे। गांधी और बच्चन फैमिली के अलावा राजीव गांधी के मित्र अरुण सिंह के भाई बिजेंद्र सिंह और 2 विदेशी मेहमान भी उस आलीशान पार्टी में शामिल हुए थे। गांधी परिवार का ख्याल रखने के लिए दिल्ली से उनका पर्सनल कुक भी बंगाराम द्वीप गया था।
10 दिन अरब सागर में खड़ा रहा INS विराट
गांधी परिवार की छुट्टियों के दौरान उस वक्त का भारत का प्रमुख युद्धपोत INS विराट 10 दिनों के लिए अरब सागर में खड़ा रहा। उस वक्त खबरों में यह भी कहा गया कि गांधी परिवार को ले जाने के लिए INS विराट का इस्तेमाल हुआ था। इस पर रक्षा विशेषज्ञों ने सवाल भी उठाया था कि छुट्टियों के लिए नेवी का इस्तेमाल क्यों हो रहा है। 6 जनवरी को गांधी परिवार की यह आलीशान छुट्टी खत्म हुई थी। विमान वाहक INS विराट को भारतीय नौसेना में 1987 में सेवा में लिया गया था। करीब 30 वर्ष तक सेवा में रहने के बाद 2016 में इसे सेवा से अलग किया गया।
पीएम मोदी ने जिस ख़बर का हवाला दिया है उसके मुताबिक ये द्वीप लक्षद्वीप के 36 द्वीपों में से एक है और इसका नाम है बंगाराम। यह द्वीप पूरी तरह निर्जन है और तकरीबन आधा वर्गकिलोमीटर इलाके में फैला है।
इस द्वीप का चुनाव भी काफ़ी सोच-समझकर किया गया था, यहाँ विदेशी नागरिकों के आने पर किसी तरह की पाबंदी नहीं थी। लक्षद्वीप के तत्कालीन पुलिस प्रमुख पीएन अग्रवाल ने कहा कि बंगाराम द्वीप बेहद सुरक्षित और दुनिया से कटा हुआ इलाका है। यह क्षेत्र प्राकृतिक रूप से सुरक्षित है।
राजीव और सोनिया गांधी 30 दिसंबर 1987 को दोपहर में ही इस खूबसूरत द्वीप पर पहुँच गए थे, जबकि अमिताभ बच्चन एक दिन बाद कोचीन-कावारत्ती हेलीकॉप्टर उड़ान से वहाँ पहुँचे थे।
बंगाराम द्वीप पर अमिताभ बच्चन की यात्रा की खबर को दबाने की कोशिश की गई थी लेकिन कावारत्ती के छोटे से द्वीप में अमिताभ की मौजूदगी उस वक्त जाहिर हो गई जब अमिताभ के हेलीकॉप्टर को बंगाराम से कुछ दूर कारावत्ती में ईंधन भरवाने के लिए उतरना पड़ा।
बाद में अमिताभ जब छुट्टियां मनाकर वापस लौट रहे थे तो कोचीन एयरपोर्ट पर इंडियन एक्सप्रेस के एक फोटोग्राफर ने उनकी तस्वीर ले ली। अमिताभ इसे लेकर नाराज़ भी हुए और फोटोग्राफ़र को चेतावनी भी दी थी।
-एजेंसियां

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