येदियुरप्पा का उद्धव को जवाब, कर्नाटक की एक इंच जमीन महाराष्‍ट्र को नहीं देंगे

बेंगलुरु। महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच रहे सीमा विवाद एक बार फिर तूल पकड़ता जा रहा है। महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनकी सरकार कर्नाटक के उन इलाकों को राज्य में शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां मराठी भाषी लोगों की बहुलता है। इस पर पलटवार करते हुए कर्नाटक के सीएम येदियुरप्पा ने इस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की एक भी इंच जमीन नहीं दी जाएगी।
उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा था कि उनकी सरकार कर्नाटक के उन इलाकों को राज्य में शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां मराठी भाषी लोगों की बहुलता है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट में कहा कि इस उद्देश्य के लिए बलिदान देने वालों के लिए यह ‘सच्ची श्रद्धांजलि’ होगी। महाराष्ट्र राज्य भाषायी आधार पर बेलगाम तथा अन्य इलाकों पर दावा जताता है जो पूर्ववर्ती बॉम्बे प्रेसिडेंसी का हिस्सा थे, लेकिन अब कर्नाटक राज्य में आते हैं।
येदियुरप्पा ने किया पलटवार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने उद्धव ठाकरे के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है, मैं उद्धव ठाकरे के बयान की निंदा करता हूं। हम इस तरफ से एक इंच भी जमीन नहीं देने जा रहे हैं।’
17 जनवरी को उद्धव ठाकरे ने दिया बयान
बेलगाम तथा कुछ अन्य सीमावर्ती इलाकों को महाराष्ट्र में शामिल करवाने के लिए संघर्ष कर रहे क्षेत्रीय संगठन महाराष्ट्र एकीकरण समिति ने उन लोगों की याद में 17 जनवरी को ‘शहीदी दिवस’ मनाया, जो इस उद्देश्य के लिए लड़ते हुए 1956 में मारे गए थे। इसी मौके पर उद्धव ठाकरे ने बयान दिया।
महाराष्ट्र सीएमओ ने ट्वीट में लिखा, हमारी प्रतिज्ञा दृढ़ है
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से ट्वीट किया गया, ‘सीमा विवाद में शहीद होने वाले लोगों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कर्नाटक के कब्जे वाले मराठी भाषी तथा सांस्कृतिक इलाकों को महाराष्ट्र में शामिल करना। हम इसके लिए एकजुट हैं और हमारी प्रतिज्ञा दृढ़ है। शहीदों के प्रति सम्मान जताते हुए यह वादा करते हैं।’
महाराष्ट्र करता रहा है इस इलाके पर दावा
बता दें कि बेलगाम को लेकर महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच लंबे वक्त से सीमा विवाद रहा है। बेलगाम के इलाके में मराठी लोग बहुसंख्यक हैं और यह हिस्सा पूर्व में बॉम्बे प्रेसिडेंसी का हिस्सा भी रहा है। फिलहाल बेलगाम कर्नाटक का हिस्सा है और इस हिस्से को महाराष्ट्र में मिलाने के लिए तमाम संगठन संघर्ष करते रहे हैं। बेलगाम समेत अन्य सीमावर्ती इलाकों को लेकर दोनों राज्यों के बीच जारी विवाद कई वर्षों से उच्चतम न्यायालय में लंबित है।
-एजेंसियां

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