विश्व बाघ दिवस आज: जानें…देश में कहां कितने बाघ?

आज विश्व बाघ दिवस 29 जुलाई के मौके पर देश के लिए राहत वाली खबर है। मंगलवार को देश में बाघों की गणना की विस्तृत रिपोर्ट जारी करते हुए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि दुनिया के 70 फीसदी बाघ भारत में मौजूद हैं।
बता दें कि बाघों की गणना की शुरुआती रिपोर्ट पिछले साल ही आ चुकी है। इस रिपोर्ट से देश में बाघों की संख्या बढ़ने का खुलासा हुआ है।
साल 2018 की रिपोर्ट के तहत देश में बाघों की संख्या बढ़कर 2,967 हो गई है। पहले हुई गणना के लिहाज से देखा जाए तो साल 2014 के मुकाबले 741 बाघों की बढ़ोत्तरी हुई है। पूरे देश में सबसे अधिक बाघों के साथ उत्तराखंड का जिम कार्बेट नेशनल पार्क पहले स्थान पर है। रिपोर्ट के अनुसार देश में इस वक्त बाघों की कुल संख्या 2,967 है जिनमें से 231 बाघ कार्बेट में हैं। यहां बाघों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
नागरहोल और बांदीपुर में भी बाघों की बहार
2006 में जिम कार्बेट में बाघों की संख्या 137 थी जो बढ़कर 2010 में 174 और 2014 में 215 हो गई। कार्बेट के डायरेक्टर ने राहुल ने बताया, ‘हमें उम्मीद थी कि संख्या 250 से ऊपर होगी।’ कार्बेट के बाद बाघों की संख्या कर्नाटक के नागरहोल (127) और बांदीपुर (126) में अधिक है। चौथे नंबर पर मध्य प्रदेश का बांधवगढ़ और असम का काजीरंगा नेशनल पार्क है जहां बाघों की संख्या बराबर 104-104 है। पांचवें नंबर पर 103 बाघों के साथ तमिलनाडु का मुदुमलई है।
राज्यों में मध्य प्रदेश टॉप पर
बात करें राज्यों की मध्य प्रदेश इस लिस्ट में सबसे ऊपर है जहां लगभग 526 बाघ है जबकि आखिरी बार 308 थी। वहीं दूसरे नंबर पर कर्नाटक है जहां बाघों की संख्या 524 है जो कि पिछली बार 406 थी। मध्य प्रदेश और कर्नाटक के बाद उत्तराखंड तीसरे नंबर पर है यहां 442 बाघ है जबकि पिछली बार इनकी संख्या 340 बताई गई थी।
यूपी में बढ़ी बाघों की संख्या
हर चार साल में ऑल इंडिया टाइगर एस्टिमेशन के तहत बाघों की गिनती की जाती है। आखिरी बार यह गणना 2018 में हुई थी। इस बार कार्बेट ही एकमात्र टाइगर रिजर्व एरिया है जहां बाघों की संख्या 200 से ज्यादा है। यूपी के दुधवा टाइगर रिजर्व में भी बाघों की संख्या बढ़ी है। रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय कुमार पाठक ने बताया, यहां बाघों की संख्या बढ़कर 58 से 82 हुई है।
-एजेंसियां

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