11 अक्टूबर को मनाया जाता है विश्व मोटापा दिवस

हर वर्ष 11 अक्टूबर को विश्व मोटापा दिवस (World Obesity Day) मनाया जाता है। मोटापे के कारण और इससे बचने व कम करने के उपायों के बारे में लोगों को जागरूक करने को लेकर हर वर्ष यह दिवस मनाया जाता है। वर्ल्ड ओबीसिटी फेडरेशन ( World Obesity Federation ) ने 2015 में विश्व मोटापा दिवस मनाए जाने की शुरुआत की थी। वर्ल्ड ओबिसिटी फेडरेशन के वैश्विक सर्वे के अनुसार, दुनिया में करीब 15 करोड़ बच्चे और किशोर मोटापे से ग्रसित हैं। अगले दस साल में यह संख्या 25 करोड़ पहुंच जाएगी। संगठन की चाइल्डहुड ओबिसिटी रिपोर्ट के मुताबिक, पांच से 19 साल के आयुवर्ग में चीन के 6.19 करोड़ और भारत के 2.75 करोड़ बच्चे इसकी जद में हैं। अध्ययन में चेताया गया है कि अगले एक दशक में बच्चों का मोटापा बड़ी महामारी का रूप ले लेगी। बच्चों में मोटापे का बोझ झेलने वाले बड़े देशों में ब्राजील, मैक्सिको, नाइजीरिया, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।

व्यस्त जीवनशैली तनाव और खानपान को लेकर लापरवाही मोटापे का प्रमुख कारण बनता जा रहा है। आसान शब्दों में मोटापा शरीर से आवश्यकता से अधिक भार हैं, बेडौल शरीर न सिर्फ महिला की सुन्दरता को खत्म करता है बल्कि कई बीमारियों की जड़ हैं।

मोटापे में अप्रत्याशित वृद्धि से गर्भधारण में दिक्कतों के अतिरिक्त प्रसव भी जोखिममय होता है। महिलाओं में मोटापा प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है।

दुनिया भर में मोटापा 1975 से लगभग तीन गुना हो गया है। 2016 में, 1.9 अरब से अधिक वयस्क, 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के, अधिक वजन वाले थे। इनमें से 650 मिलियन लाेग मोटापे से ग्रसित थे।
18 वर्ष और अधिक आयु के 39% वयस्क 2016 में अधिक वजन वाले थे, और 13% लाेग मोटापे से ग्रसित थे।
5 साल से कम उम्र के 38 मिलियन बच्चे 2019 में अधिक वजन वाले या मोटापे से ग्रसित थे।
5-19 आयु वर्ग के 340 मिलियन से अधिक बच्चे और किशोर 2016 में अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त थे।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, कैंसर के चार निरोध्य कारणों में से मोटापा एक है। यह स्वास्थ्य से जुड़ा एक गंभीर विषय है।

मोटापा है या नहीं यह जानने के लिए अपनी लंबाई में से सौ सेमी घटा देने से जो बचे उतना किलो वज़न सामान्य कहा जा सकता है। बी एम आइ एक वजन और लम्बाई का अनुपात है और भारतीयों के लिए यह १८.५ से २३ तक सामान्य माना गया है।

इसके प्रमुख कारणों में जैसे कि उचित पोषक आहार न लेने के कारण, अधिक तैलिय पदार्थ या फास्ट फूड्स केे सेवन केे कारण, व्यायाम की कमी, तनाव एवम् कई मामलों में अनुवांशिकता भी कारण हैं।

मोटापा बढने से मधुमेह,अनिंदरा, ब्लडप्रेशर, हार्ट अटैक, थायरॉइड समस्या, ब्रेन स्टोन, कैंसर, अनिद्रा, जोडों और घुटनों की बीमारियां शुरू हो जाती हैं।
मोटापा कम करने के लिए हमें अपने रोज के आहार विहार को ध्यान में रखना चाहिए। भोजन समय समय पर संतुलित तथा उचित मात्रा में लेना चाहिए।

डा. संध्या, सीनियर रेजिडेंट, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय

 

– डॉ संध्या,
सीनियर रेजिडेंट,
प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग चिकित्सा विज्ञान संस्थान
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय

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